एफडीए की सख्ती के बाद बाजार से गायब हुआ पीला गुड़

मिलावटखोरों पर कड़ी कार्रवाई

* खतरनाक रसायनों से तैयार गुड़ बेचने पर आजीवन कारावास और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान
अमरावती/दि.5- चीनी के मुकाबले अधिक प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प माने जाने वाले गुड़ में मिलावट के मामलों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है. कार्रवाई के बाद बाजार में मिलने वाला चमकीला पीला गुड़ कम होता दिखाई दे रहा है. अधिकारियों का कहना है कि गुड़ को आकर्षक रंग देने के लिए खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
जानकारी के मुताबिक कुछ निर्माता ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए गुड़ को चमकीला पीला और साफ दिखाने हेतु हाइड्रोज, ऑक्सालिक एसिड, सुपर फॉस्फेट तथा अन्य रासायनिक पदार्थों का उपयोग कर रहे थे. ऐसे रसायनों के सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं.
* मिलावटी गुड़ से स्वास्थ्य को खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार रासायनिक मिलावट वाला गुड़ पेट में जलन, एसिडिटी, अल्सर जैसी पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है. इसके अलावा त्वचा संबंधी एलर्जी, अस्थमा तथा लंबे समय तक सेवन करने पर लिवर और किडनी पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
* ऐसे करें शुद्ध गुड़ की पहचान
– रंग: बहुत अधिक पीला, सफेद या चमकीला गुड़ मिलावटी हो सकता है. प्राकृतिक गुड़ सामान्यतः गहरे भूरे या काले रंग का होता है.
– स्वाद: यदि गुड़ का स्वाद मीठे के साथ नमकीन या कड़वा लगे, तो उसमें रासायनिक मिलावट होने की आशंका है.
– पानी परीक्षण: गुड़ का टुकड़ा पानी में डालने पर यदि नीचे रासायनिक पाउडर जैसा अवशेष जमा हो जाए, तो वह मिलावटी हो सकता है.
– प्राकृतिक पहचान: शुद्ध गुड़ का रंग गहरा होता है और उसका स्वाद केवल मीठा होता है.
* मिलावट करने वालों पर सख्त कार्रवाई
एफडीए के अनुसार खाद्य पदार्थों में खतरनाक रसायनों की मिलावट करने वालों के खिलाफ कानून के तहत 6 महीने से लेकर आजीवन कारावास तथा 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है. दोषी पाए जाने पर संबंधित निर्माता या व्यापारी का लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है. गुड़ विक्रेता रूपेश साहू ने बताया कि एफडीए की कार्रवाई के बाद मिलावटी गुड़ की आपूर्ति में कमी आई है और अब वे प्रत्येक खेप के साथ गुणवत्ता जांच की लैब रिपोर्ट भी प्राप्त कर रहे हैं. एफडीए के संयुक्त आयुक्त विनय चौहान ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल चमकीले पीले रंग को देखकर गुड़ न खरीदें, बल्कि प्राकृतिक रंग वाले शुद्ध गुड़ को प्राथमिकता दें. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि गैरकानूनी रसायनों का उपयोग करने वाले निर्माताओं और व्यापारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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