मोर्शी में डॉ. अण्णाभाऊ साठे जयंती उत्साह के साथ मनाई गई,

निकली भव्य शोभायात्रा

मोर्शी/दि.6– मोर्शी शहर में साहित्यरत्न लोकशाहीर डॉ. अण्णाभाऊ साठे की जयंती इस वर्ष अभूतपूर्व उत्साह और भव्यता के साथ मनाई गई. साहित्यरत्न लोकशाहीर डॉ. अण्णाभाऊ साठे युवा बहुउद्देशीय संस्था, मोर्शी के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के तहत शहर के इतिहास में पहली बार महापुरुषों के जीवन पर आधारित विशाल शोभायात्रा निकाली गई.
पिछले पांच वर्षों से संस्था द्वारा डॉ. अण्णाभाऊ साठे की जयंती का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन इस बार 1 अगस्त को निकाली गई भव्य शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही. इसमें डॉ. अण्णाभाऊ साठे के साहित्यिक और सामाजिक योगदान को विभिन्न जीवंत झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया. शोभायात्रा में उनकी प्रसिद्ध कृतियों ‘फकीरा’, ‘वारणेचा वाघ’, ‘वैजयंता’, ‘माकडीचा माल’, ‘चित्रा’, ‘आवडी’, ‘गजाआड’, ‘आगरान’, ‘बोका’ और ‘गुलाम’ सहित प्रमुख उपन्यासों तथा ‘फटाका’, ‘खुलंवाडी’, ‘वारणेच्या खोर्‍यात’, ‘चंदनवाडी’, ‘अमृत’, ‘आपत्ती’ और ‘सुखाची सावली’ जैसे कथा संग्रहों पर आधारित झांकियां सजाई गईं. विशेष रूप से महाराष्ट्र शासन पुरस्कार से सम्मानित उनकी कालजयी कृति ‘फकीरा’ को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया. शोभायात्रा में डॉ. अण्णाभाऊ साठे के जीवन, उनके साहित्य, पोवाड़ों और सामाजिक आंदोलन में दिए गए योगदान को दर्शाया गया. साथ ही हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की झांकी के माध्यम से उनके समतामूलक और सर्वधर्म समभाव के संदेश को प्रस्तुत किया गया.
इसके अलावा समाज सुधारक वस्ताद लहूजी सालवे के जीवन एवं उनके अखाड़े की परंपरा को दर्शाने वाली झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही. वहीं भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की झांकी में भारतीय संविधान का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम के सफल आयोजन में साहित्यरत्न लोकशाहीर डॉ. अण्णाभाऊ साठे युवा बहुउद्देशीय संस्था के पदाधिकारियों, मातंग समाज तथा मोर्शी शहर के नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई. संस्था ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी नागरिकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया.

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