कारतूस प्रकरण में एटीएस ने शुरु की जांच
गुप्तचर विभाग भी जुडा

* गंभीर मामले की सभी एंगल से तहकीकात
अमरावती/दि.8 – फ्रेजरपुरा थाना अंतर्गत एक घर में एके-47 के जैसे कारतूस बरामद किए जाने के संगीन प्रकरण में पुलिस और जांच एजेंसियां कोई कोताही नहीं बरत रही. आतंकवाद विरोधी दस्ते एटीएस और गुप्तचर विभाग आईबी के दल ने फ्रेजरपुरा थाने में जाकर छानबीन की. तीनों आरोपियों से पूछताछ किए जाने का भी समाचार है. पुलिस ने 21 जिंदा कारतूस बरामद किए थे. मामला गुरुगंभीर होने से संपूर्ण तह तक जाने का प्रयास एटीएस और आईबी का है.
जानकारी के अनुसार अधिकारियों ने बरामद कारतूस कब बने है, उनके उपयोग और कहां से हासिल किए, इस बारे में जानकारी ली है. दोनों ही एजेंसिया विभिन्न कोण से तहकीकात में जुटी है. मामले के अनुसार एक पूर्व फौजी और पूर्व पुलिस कर्मी के पुत्र तक जांच पहुंची है. वह फिलहाल कत्ल के जुर्म में जेल में होने की बात का खुलासा हुआ है. पुलिस सोमवार को प्रॉडक्शन वॉरंट पर उक्त आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लेगी. इस बीच पकडे गए तीन आरोपियों को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
आरोप है कि, आरोपी विवेक गायकवाड ने एक महिला के घर में उसके बेटे को झूठे केस में फंसाने के लिए जिंदा कारतूस फेंक दिए थे. महिला की शिकायत पर पुलिस न केवल आरोपियों विवेक गायकवाड, उसके मित्र ऋषिकेश तरोडे और आकाश सपकाल को गिरफ्तार किया. विवेक से 6, ऋषिकेश 12 और आकाश से 3 जिंदा कारतूस जब्त किए गए. बरामद बंदुक की गोलियां फॉरेन्सिक जांच के लिए भेजी गई है, रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है.
खबर है कि, पूछताछ में विवेक ने पुलिस को बताया कि, ऋषिकेश ने उसे यह कारतूस दिए थे. ऋषिकेश ने खुलासा किया कि, उसने 18 कारतूस आकाश से 7 हजार रुपए में खरीदे थे. आकाश को यह गोलियां उसके मौसी के बेटे अभिजीत म्हात्रे से मिली थी. वह अचलपुर का रहनेवाला है, किंतु फिलहाल एक प्रकरण में कारागार में बंद है. पुलिस उससे पूछताछ करनेवाली है. म्हात्रे ने यह कारतूस कहां से लाए, यह अब जांच का विषय है.





