मतदाता गणना प्रपत्रों का 99.98 प्रतिशत वितरण पूरा
अमरावती जिले में डिजिटाइजेशन का काम 85.68 प्रतिशत तक पहुंचा

* पांच विधानसभा क्षेत्रों में 100 प्रतिशत वितरण
अमरावती /दि.11 – निर्वाचन आयोग के निर्देश पर अमरावती जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य जारी है. इसके तहत सोमवार दोपहर 12 बजे तक जिले में 99.98 प्रतिशत मतदाता गणना प्रपत्रों का वितरण पूरा कर लिया गया है. वहीं प्राप्त प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का काम भी अंतिम चरण में पहुंच गया है.
जिले में कुल 25 लाख 45 हजार 677 मतदाता हैं. इनमें से 25 लाख 45 हजार 183 मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए जा चुके हैं. जिले के आठ विधानसभा क्षेत्रों में से धामणगांव रेलवे, बडनेरा, दर्यापुर, मोर्शी और अचलपुर विधानसभा क्षेत्रों में प्रपत्र वितरण का 100 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. वहीं अमरावती और मेलघाट विधानसभा क्षेत्रों में 99.99 प्रतिशत, जबकि तिवसा में 99.86 प्रतिशत प्रपत्रों का वितरण पूरा हो चुका है. शेष कार्य भी अंतिम चरण में है.
* 21 लाख 81 हजार से अधिक प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन
जिले में अब तक 21 लाख 81 हजार 89 गणना प्रपत्र एकत्रित किए जा चुके हैं. प्राप्त प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा किया जा चुका है. जिले में अब तक 85.68 प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा हुआ है.
* विधानसभा क्षेत्रवार डिजिटाइजेशन की स्थिति
धामणगांव रेलवे – 86.89 प्रतिशत
बडनेरा – 82.69 प्रतिशत
अमरावती – 78.58 प्रतिशत
तिवसा – 83.34 प्रतिशत
दर्यापुर (अ.जा.) – 90.16 प्रतिशत
मेलघाट (अ.ज.) – 88.01 प्रतिशत
अचलपुर – 87.67 प्रतिशत
मोर्शी – 90.64 प्रतिशत
* 17 अक्टूबर तक जारी रहेंगी गृहभेंट
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की समयसीमा बढ़ाई गई है. इसके तहत 17 अक्टूबर तक बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया जाएगा. मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की प्रक्रिया के लिए भी 17 अक्टूबर तक समय बढ़ाया गया है. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 24 अक्टूबर को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. इसके बाद दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी. दावे-आपत्तियों का निपटारा 22 नवंबर तक किया जाएगा तथा 27 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित किए जाने की जानकारी उपजिला निर्वाचन अधिकारी शिवाजी शिंदे ने दी है. हालांकि, दावे-आपत्तियों की अंतिम तिथि और प्रारूप तथा अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथियों में दी गई जानकारी में कुछ विसंगति दिखाई दे रही है. इसलिए संबंधित निर्वाचन कार्यालय से अंतिम कार्यक्रम की पुष्टि करना उचित होगा





