विधायक प्रवीण तायडे के बडे बयान से मची हलचल
सहकारिता क्षेत्र की सियासत तेज, अभी से लग रहे उलटफेर के अंदाज

* विपक्षी खेमे के वोट बढने से सत्तापक्ष को तगडा झटका
* अगले सप्ताह हो सकती है हाईकोर्ट में सुनवाई
* बच्चू कडू का विधायक तायडे पर प्रहार
* पंचवर्षीय इलेक्शन से पहले कई विधायकों का जागा रस
* सभी की निगाहें आगामी कोर्ट ऑर्डर पर
* सहकारिता मंत्री ने दी है नए सभासदों की मंजूरी
अमरावती/दि.12 – जिले के किसानों की सबसे बडी बैंक अमरावती जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अगले कुछ माह में प्रस्तावित पंचवर्षीय चुनाव से ठीक पहले सहकारिता क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. चर्चा है कि जिले के कई विधायकों का इस इलेक्शन में इन्टरेस्ट जाग गया है. जिससे आनेवाले दिनों में कई बडे उलटफेर देखने मिल सकते हैं. विपक्षी खेमे के 1132 वोट बढ जाने से अध्यक्ष, विधायक बच्चू कडू के सत्तापक्ष को तगडा झटका माना जा रहा है. उसमें भी विधायक और भाजपा नेता प्रवीण तायडे ने सनसनीखेज बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि, विधायक रवि राणा के साथ मिलकर उन्होंने ही विपक्षी खेमे के सभासदों की सदस्यता सहकारिता मंत्रालय से मंजूर कर लाई है. फिलहाल तो जिला बैंक के सत्ता पक्ष की ओर से सहकारिता मंत्री बाबासाहब पाटिल द्बारा विपक्षी खेमे के 1132 नये सभासदों की सदस्यता को स्वीकृति देने के फैसलों को उच्च न्यायालय में ललकारा गया है. यह जानकारी उपाध्यक्ष अभिजीत ढेपे ने दी. उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह उच्च न्यायालय उनकी याचिका पर सुनवाई कर सकती है. इस बीच इलेक्शन के कारण भाजपा विधायक प्रवीण तायडे और शिवसेना विधायक बच्चू कडू के बीच रार-तकरार बढने के आसार बने है, बल्कि दोनों ही एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं. आनेवाले दिनों में यह तकरार बढने की और फैलने की संभावना देखी जा रही है. जानकारों की माने तो जिले की सबसे बडी सहकारी बैंक होने से मध्यवर्ती बैंक के इलेक्शन का घमासान आगामी त्यौहारी सीजन में परवान चढ जाए, तो आश्चर्य नहीं. अब सारी निगाहें हाईकोर्ट के निर्णय पर टिकी है, जहां अगले सप्ताह सुनवाई होनेवाली है.
* 1132 सदस्यों का मामला
अमरावती जिला बैंक सहकारिता क्षेत्र में वर्चस्व बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, ऐसे में सत्तापक्ष ने कुछ अरसा पहले आनन फानन में निर्णय लेकर और प्रस्ताव लाकर अपने 1100 नये सदस्यों की सदस्यता मंजूर कर ली थी. जिससे विपक्षी खेमे में हलचल हुई. उन्होंने भी अपने 1132 सभासदों की सदस्यता पर मुहर लगाने की गुहार लगाई. बैंक पदाधिकारियों ने लिस्ट को अमान्य कर दिया. तब विभागीय उपनिबंधक कार्यालय के सहायक रजिस्ट्रार से विपक्षी खेमे ने गुहार लगाई. सहायक रजिस्ट्रार ने भी बैंक के सत्तापक्ष का फेवर लिया. विपक्ष द्बारा प्रस्तुत 1132 नये सभासदों को नामंजूर कर दिया.
* सहकारिता मंत्री का निर्णय
तब विपक्षी खेमा अर्थात भूतपूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस नेता बबलू देशमुख , पूर्व विधायक वीरेंन्द्र जगताप आदि संचालकों ने सहकारिता मंत्री के पास अपनी 1132 सदस्यों की लिस्ट को स्वीकृति देने का अनुरोध किया. 1-2 सुनवाई पश्चात सहकारिता मंत्री बाबा साहब पाटिल ने विपक्षी खेमे को खुश कर देनेवाला निर्णय दिया. विपक्ष के 1132 सदस्यों को जिला सहकारी बैंक का सभासद मान्य कर दिया. फलस्वरूप अमरावती के सहकारिता क्षेत्र में खलबली मच गई. खासकर जिला बैंक का सत्तापक्ष हिल गया.
* कोर्ट में ललकारा
1132 नये वोटर्स को मंजूरी दिए जाने से अमरावती जिला बैंक के सत्तापक्ष में हलचल मच गई. ऐसे में उपाध्यक्ष और शिवसेना नेता अभिजीत ढेपे ने मंत्री महोदय के निर्णय को अन्यायकारक बताते हुए कोर्ट में जाने की बात कही. आज उन्हाेंेंने अपने वकील एड. पराग कडू के माध्यम से उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में सहकारिता मंत्री के फैसले को चुनौती देनेवाली याचिका प्रस्तुत कर दी है. याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की जानकारी देते हुए ढेपे ने कहा कि एक ही व्यक्ति के साथ दो निर्णय नहीं चल सकते. उनका हाईकोर्ट में भी यही विषय आधार होगा. 
* तीन सभासदों के बारे में अलग निर्णय
जिला बैंक उपाध्यक्ष अभिजीत ढेपे ने सहकारिता मंत्री के निर्णय का विरोध करते हुए बताया कि 1132 सभासदों में तीन ऐसे सभासद भी है. जिनके विषय में पहले अलग प्रकार का निर्णय लिया गया है. ऐसे में बाकी लोगों को अलग और कुछ लोगों को विभिन्न निर्णय कैसे लागू किए जा सकते हैं. उन्होंने बताया कि सभासदों की सदस्यता का विषय कोर्ट के निर्णय पर निर्भर रहेगा. उन्होंने कहा कि, कोर्ट में याचिका दी जा चुकी है. शीघ्र सुनवाई हो सकती है. कोर्ट में न्याय मिलने की आशा भी उपाध्यक्ष ढेपे ने व्यक्त की. 
* आगे देखिए क्या-क्या होता है
अमरावती के धुरंधर सहकार नेता बबलू देशमुख ने सहकारिता मंत्री के निर्णय को ‘सत्याचा विजय झाला’ ऐसा बताया. यह भी कहा कि, आगे-आगे देखो क्या-क्या होता है? तुरंत यह भी जोड दिया कि, जो भी होगा, अच्छा ही होगा. कोर्ट निर्णय के बारे में पूछने पर कांग्रेस नेता बबलू देशमुख ने कहा कि, सत्तापक्ष ने स्टे के लिए गुहार लगाई है. आगामी 17 अगस्त को सुनवाई हो सकती है. किंतु सहकारिता मंत्री ने 1132 सदस्यों के बारे में मेरिट पर निर्णय दिया है. उन्होंने बताया कि, विपक्ष की ओर से भी हाईकोर्ट में कैवेट दाखिल की गई है.
* सहकारिता क्षेत्र में हलचल
जिले के सहकारिता क्षेत्र में जिला बैंक की परिस्थिति को देखते हुए हलचल मची है. कुछ माह बाद नए संचालक मंडल का चुनाव होना है. ऐसे में अभी से कई बडे नेता और नाम सक्रिय हो गए हैं. आनेवाले दिनों में यहां का परिदृष्य तेजी से बदलने और खेमों में उलटफेर देखने मिलने की संभावना जानकारों ने अमरावती मंडल से चर्चा दौरान व्यक्त की.

* विपक्षी खेमे के वोट मंजूर करवाकर लाया हूं – प्रवीण तायडे
भाजपा के अचलपुर विधायक प्रवीण तायडे ने जिला बैंक चुनाव में रुचि लेने के बारे में स्पष्ट कहा कि, बैंक में स्वार्थी लोगों को हटाकर इमानदार लोग लाने है. शुद्ध मात्रा रखनी है. प्रवीण तायडे ने कहा कि, इसीलिए 1132 वोट मंजूर करवाकर लाया हूं. उन्होंने बैंक का संचालक मंडल का चुनाव लडने के बारे में स्पष्ट कहा कि, समय आने पर वे चुनाव लड भी सकते है. तायडे ने बगैर किसी का नाम लिए कहा कि, जिला बैंक से भ्रष्टाचारियों को हटाना है. उन्होंने विधायक रवि राणा और अन्य के साथ पैनल में चुनाव लडने के संकेत दिए. प्रवीण तायडे ने कहा कि, जिला बैंक भ्रष्टाचारियों का अड्डा बनी है. किसानों को शासकीय कल्याणकारी योजनाओं के लाभ दिलाने के लिए मध्यवर्ती बैंक पर इमानदार लोग चुनकर लाना आवश्यक है.

* तायडे की ही सदस्यता रद्द, नए सभी सभासद कांग्रेस के – बच्चू कडू
जिला बैंक अध्यक्ष और शिवसेना विधायक ओमप्रकाश उर्फ बच्चू कडू ने विधायक प्रवीण तायडे के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि, बच्चू कडू का विरोध करते-करते सभी 1132 कांग्रेस सदस्यों की जिला बैंक सदस्यता बहाल की गई है. नए 1132 सभासदों में एक भी बीजेपी का न होने का दावा कर बच्चू कडू ने कहा कि, प्रवीण तायडे की भी सदस्यता नामंजूर की गई थी. तायडे किस मुंह से दावे कर रहे हैं. बच्चू कडू ने कहा कि, भाजपा विधायक तायडे और अन्य नेताओं की ऐसी क्या मजबूरी है कि, उन्हें कांग्रेस सभासदों की सदस्यता मंजूर करवानी पडी. शिवसेना नेता बच्चू कडू ने दावा किया कि, नए एक भी सभासद भाजपा के नहीं है, बल्कि भाजपा वर्षों से जिस पार्टी से लडते आई है, उस कांग्रेस के सभासदों की सदस्यता बीजेपी विधायक तायडे बचा रहे हैं. हम तो कोर्ट गए हैं. कोर्ट से हमें न्याय की उम्मीद है. बच्चू कडू ने कहा कि, बीजेपी के लीडर्स बच्चू कडू पर ही इतना गुस्सा क्यों है? जिसके लिए उन्हें कांग्रेस के सभासदों की सदस्यता बचानी पड रही है. बच्चू कडू ने यह भी कहा कि, प्रवीण तायडे की सदस्यता इन्ही मंत्रिमहोदय ने रद्द की थी. वहीं तायडे कांग्रेस के सदस्यों के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं. विधायक और अध्यक्ष बच्चू कडू ने जिला बैंक की सदस्यता के कानूनी पहलू पर भी चर्चा की. उन्होंने बताया कि, सहायक निबंधक ने चार सदस्यों की सदस्यता बहाल की थी. उसका निर्णय सहकारिता मंत्री ने पलट दिया था. उन चारों सदस्यों सहित 1132 सभासदों की सदस्यता अब सहकारिता मंत्री ने सहायक निबंधक जेटी द्वारा खारिज करने पर भी बहाल की गई. यह अपने-आप में बडा अलग निर्णय लग रहा ैहै. उन्होंने फिर कहा कि, बच्चू कडू से लडने के लिए बीजेपी के चार विधायक होने पर भी कांग्रेस का क्यों साथ दिया जा रहा है, यह वे समझ नहीं पा रहे हैं.





