शिक्षकों, क्या आपने ई-केवायसी कराया है? नहीं तो रुक सकती है सैलरी
शालार्थ सिस्टम से वेतन पाने वाले शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए ई-केवायसी अनिवार्य

अमरावती/दि.14 – जिले के प्राथमिक, माध्यमिक, आंशिक अनुदानित और निजी अनुदानित स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए ई-केवायसी करना अनिवार्य कर दिया गया है. शालार्थ सिस्टम के माध्यम से वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को अपनी पहचान और बैंक खाते से संबंधित जानकारी अपडेट कर उसका डिजिटल सत्यापन कराना होगा. ई-केवायसी लंबित रहने पर संबंधित कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.
शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन कर्मचारियों का ई-केवायसी अभी तक पूरा नहीं हुआ है, उनका यह काम तत्काल पूरा कराया जाए. जिले में शालार्थ के माध्यम से वेतन पाने वाले सैकड़ों कर्मचारियों का ई-केवायसी अभी भी लंबित बताया जा रहा है. ऐसे में अगस्त और सितंबर के वेतन भुगतान को लेकर कर्मचारियों में चिंता बढ़ गई है.
* वेतन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने का उद्देश्य
ई-केवायसी के माध्यम से कर्मचारी की पहचान, आधार, बैंक खाते और शालार्थ सिस्टम में दर्ज जानकारी का मिलान किया जाएगा. इसका उद्देश्य वेतन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना तथा गलत प्रविष्टि, एक ही कर्मचारी की दोहरी प्रविष्टि और डबल वेतन जैसी अनियमितताओं पर रोक लगाना है. राज्य में शालार्थ आईडी के संभावित दुरुपयोग की जांच के बीच कर्मचारी सत्यापन की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
* ई-केवायसी नहीं कराया तो वेतन प्रक्रिया प्रभावित
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों का ई-केवायसी लंबित है, उन्हें इसे जल्द से जल्द पूरा करना होगा. ई-केवायसी पूरा नहीं होने की स्थिति में वेतन प्रक्रिया में रुकावट आने की संभावना है. इसलिए संबंधित स्कूल प्रशासन को लंबित मामलों का तत्काल निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं. इस व्यवस्था में जिला परिषद के प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों के अलावा मान्यता प्राप्त, आंशिक अनुदानित और निजी अनुदानित स्कूलों के शालार्थ कर्मचारी भी शामिल हैं.
* नाम में बदलाव होने पर आ सकती है तकनीकी दिक्कत
शादी के बाद नाम अथवा उपनाम में बदलाव कराने वाली महिला कर्मचारियों को श-घधउ के दौरान तकनीकी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. उदाहरण के लिए, यदि स्कूल के रिकॉर्ड में एक नाम दर्ज है और आधार कार्ड में पति या परिवार के नाम के अनुसार दूसरा नाम दर्ज है, तो दोनों रिकॉर्ड में अंतर होने के कारण सत्यापन अटक सकता है. ऐसे मामलों में संबंधित कर्मचारी को स्कूल प्रशासन अथवा शिक्षा विभाग से संपर्क कर रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार करवाना होगा.
* ई-केवायसी करते समय इन बातों का रखें ध्यान
शालार्थ सिस्टम में ई-केवायसी करते समय कर्मचारी को अपना नाम, जन्मतिथि, आधार नंबर, बैंक खाते की जानकारी और अन्य व्यक्तिगत विवरण सावधानी से जांचना चाहिए. शालार्थ रिकॉर्ड, आधार और बैंक खाते की जानकारी में समानता होना जरूरी है. यदि किसी जानकारी में अंतर पाया जाता है, तो कर्मचारी को पहले संबंधित स्कूल अथवा शिक्षा विभाग के माध्यम से रिकॉर्ड में सुधार कराना चाहिए और उसके बाद श-घधउ प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए.





