अनिल मानकर फिर बने राज्य उपाध्यक्ष, अस्थायी कार्याध्यक्ष की भी संभालेंगे जिम्मेदारी

लातूर के महाअधिवेशन में निर्विरोध चयन

* लंबित मांगों को लेकर एकजुटता का आह्वान
अमरावती/दि.24- मोटार वाहन विभाग आरटीओ कर्मचारी संगठन के राज्यस्तरीय महाअधिवेशन एवं आमसभा में अमरावती विभाग के विभागीय अध्यक्ष अनिल मानकर का राज्य उपाध्यक्ष पद पर पुनः निर्विरोध चयन किया गया. विशेष रूप से उन्हें संगठन के अस्थायी कार्याध्यक्ष पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है. उनकी इस नियुक्ति से राज्य के मोटार वाहन विभाग के कर्मचारियों के संगठन में अमरावती विभाग की आवाज एक बार फिर मजबूत हुई है.
लातूर शहर में 22 अगस्त को आयोजित राज्यस्तरीय महाअधिवेशन एवं आमसभा में राज्य मध्यवर्ती कर्मचारी संगठन के महासचिव विश्वास काटकर, मोटार वाहन विभाग आरटीओ कर्मचारी संगठन के निवर्तमान अध्यक्ष प्रकाश पाटील, महासचिव सुरेंद्र सरतापे सहित राज्यभर के विभिन्न पदाधिकारी एवं संगठनात्मक नेता उपस्थित थे. अधिवेशन में राज्यभर से बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए. महाअधिवेशन के दौरान राज्यस्तरीय पदाधिकारियों के चुनाव में अनिल मानकर के संगठनात्मक कार्यों को देखते हुए उन्हें उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध पुनर्निर्वाचित किया गया. साथ ही संगठन के महत्वपूर्ण अस्थायी कार्याध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई. उनके चयन की घोषणा होते ही उपस्थित कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक नारे लगाते हुए अनिल मानकर का अभिनंदन किया.
* ‘मांगें केवल कागजों पर नहीं, वास्तव में लागू होनी चाहिए’
चयन के बाद अनिल मानकर ने कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को लेकर आक्रामक रुख स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को वर्षों तक लंबित रखकर काम नहीं चलेगा. न्यायसंगत मांगों के लिए राज्यभर के कर्मचारियों को पार्टी, गुटबाजी और व्यक्तिगत मतभेदों को अलग रखते हुए एकजुट होकर खड़ा होना होगा. केवल मांगें मंजूर करने का आश्वासन नहीं, बल्कि उनका वास्तविक रूप से क्रियान्वयन होना चाहिए. उन्होंने कहा कि संगठित शक्ति ही कर्मचारियों की वास्तविक ताकत है. अपने अधिकारों के लिए राज्यभर के कर्मचारियों को बड़ी संख्या में एकजुट होना चाहिए. न्यायसंगत मांगों के लिए संगठन आवश्यक सभी कानूनी एवं लोकतांत्रिक तरीकों से संघर्ष करता रहेगा. अनिल मानकर की इस आक्रामक भूमिका के चलते आने वाले समय में मोटार वाहन विभाग के कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को राज्यस्तर पर फिर से मजबूती मिलने के संकेत हैं. उनकी पुनर्नियुक्ति को लेकर कर्मचारी वर्ग में उत्साह देखा जा रहा है.

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