2029 से पहले देवेंद्र फडणवीस प्रधानमंत्री बनें
हमारी इच्छा - विजय वडेट्टीवार

* जरांगे के मुद्दे पर वडेट्टीवार ने साधी दूरी
नागपुर/दि.25 – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के भाजपा संसदीय मंडल में दोबारा चुने जाने के बाद कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने उनके प्रधानमंत्री पद की संभावनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है. वडेट्टीवार ने कहा कि उनकी इच्छा है कि देवेंद्र फडणवीस वर्ष 2029 से पहले ही देश के प्रधानमंत्री बनें. उन्होंने कहा कि एक बार मराठी व्यक्ति को देश का प्रधानमंत्री बनना चाहिए.
विजय वडेट्टीवार ने कहा, देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं. इसलिए उन्हें भाजपा की वरिष्ठ समिति में जगह दी गई होगी. वह वरिष्ठ नेता हैं. भाजपा किसे कहां जिम्मेदारी देती है, यह उनका विषय है. लेकिन हमारी इच्छा है कि देवेंद्र फडणवीस 2029 से पहले प्रधानमंत्री बनें. 2029 के बाद उनके पास शायद कोई मौका नहीं रहेगा. कम से कम एक बार मराठी व्यक्ति प्रधानमंत्री बने, यही हमारी इच्छा है.
उन्होंने कहा कि भाजपा फडणवीस को आगे किस भूमिका में ले जाती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा. उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी या महाराष्ट्र तक ही सीमित रखा जाएगा, यह देखना होगा.
* जरांगे के मुद्दे पर वडेट्टीवार ने साधी दूरी
मनोज जरांगे की कुणबी रिकॉर्ड और प्रमाणपत्र की मांग को लेकर वडेट्टीवार ने सरकार और जरांगे के बीच चल रहे घटनाक्रम पर टिप्पणी करने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि सरकार जरांगे की मांगों पर फैसला लेगी, लेकिन कांग्रेस की भूमिका स्पष्ट है कि जातिगत जनगणना कराई जाए और लोगों को उनका अधिकार दिया जाए. वडेट्टीवार ने कहा कि यदि कोई रिकॉर्ड फर्जी है तो वह अदालत में टिक नहीं पाएगा. जो भी निर्णय संविधान और न्याय के दायरे में होगा, वही मान्य होगा. केवल किसी के कहने पर लिया गया फैसला लंबे समय तक टिक नहीं सकता.
* आदिवासी विद्यार्थियों के मुद्दे पर सरकार से चर्चा की मांग
राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर आदिवासी विद्यार्थियों से चर्चा करने का आग्रह किए जाने पर वडेट्टीवार ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्राओं की ओर से मंच पर अपनी समस्याएं रखी गई थीं और सरकार पर सुविधाओं से वंचित करने तथा छात्राओं के प्रति अविश्वास का आरोप लगाया गया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस मामले को प्राथमिकता देते हुए आदिवासी विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करेंगे.
* खुले में तेल बिक्री पर रोक के फैसले का विरोध
वडेट्टीवार ने खुले में खाद्य तेल की बिक्री पर रोक लगाने के फैसले को भी गलत बताया. उन्होंने कहा कि यदि मंत्रिमंडल ने यह फैसला रद्द किया है तो यह अच्छा निर्णय है. उनके मुताबिक गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपनी जरूरत के अनुसार खुला तेल खरीदते हैं. जनता के विरोध के चलते सरकार ने यह फैसला वापस लिया होगा. उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने नागपुर के विद्यार्थियों के साथ ’छात्रों की गूंज’ संवाद कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति दी है. हालांकि कार्यक्रम की तारीख अभी तय नहीं हुई है.





