स्पष्ट सबूत के बावजूद केस क्यों नहीं?
एमपीएससी औषध निरीक्षक पेपर लीक प्रकरण

* राज ठाकरे की मनसे आक्रामक
मुंबई/दि.25 – महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की औषध निरीक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. पेपरफुटी का आरोप लगाने वाले विद्यार्थियों ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात कर कथित पेपरलीक से जुड़े सबूत उनके सामने रखे. मनसे नेता संदीप देशपांडे ने बताया कि विद्यार्थियों की पूरी बात सुनने के बाद राज ठाकरे इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा करेंगे. मनसे ने सवाल उठाया है कि जब विद्यार्थियों ने पेपरफुटी के कथित सबूत सामने रखे हैं और मामले की जांच मुंबई पुलिस तक पहुंच चुकी है, तो अब तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई? पहले मामला दर्ज कर जांच क्यों नहीं की जाती? सरकार को आखिर और कितने सबूत चाहिए, असा सवाल देशपांडे ने उठाया.
* 40 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने दी परीक्षा
औषध निरीक्षक पद की भर्ती के लिए एमपीएससी की ओर से परीक्षा आयोजित की गई थी. मनसे के अनुसार, इस परीक्षा में 40 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए थे. कुछ विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा से दो दिन पहले ही प्रश्नपत्र लीक हो गया था. आरोपों के बाद विद्यार्थियों ने कथित पेपरफुटी से जुड़े सबूत सामने रखे. इसके बाद मामले की जांच मुंबई पुलिस के पास जाने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, अब तक ऋखठ दर्ज नहीं होने का आरोप मनसे ने लगाया है.





