‘तुम कंचे खेल रहे हो क्या, पोकलैंड लेकर आओ, कौन आडे आता, हम देखते’
जब विधायक प्रवीण पोटे ने मनपा आयुक्त को जमकर सुनाए खडेबोल

* इर्विन के पीछे से गुजरनेवाले नाले की सफाई नहीं होने को लेकर लिया आडे हाथ
अमरावती/दि.26 – डफरीन अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अस्पताल परिसर की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. इसी क्रम में बुधवार दोपहर डफरीन अस्पताल पहुंचे भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के सामने उस समय एक नाटकीय स्थिति उत्पन्न हो गई, जब इर्विन अस्पताल के पीछे से गुजरने वाले नाले की सफाई और गहरीकरण नहीं होने का मुद्दा सामने आया. इस विषय पर विधायक प्रवीण पोटे पाटिल ने अमरावती महानगरपालिका आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले को फोन पर जमकर खरी-खोटी सुनाई और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए.
भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे, विधायक प्रवीण पोटे पाटिल, विधायक प्रवीण तायडे, महापौर श्रीचंद तेजवानी सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे. प्रतिनिधिमंडल डफरीन अस्पताल पहुंचकर हाल ही में हुए अग्निकांड की जानकारी ले रहा था. इस दौरान प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. विनोद पवार ने नेताओं के सामने अस्पताल परिसर से जुड़ी एक गंभीर समस्या रखी.
सीएस डॉ. विनोद पवार ने बताया कि रेलवे स्टेशन के पीछे चल रहे निर्माण कार्य के कारण इर्विन अस्पताल के पीछे से गुजरने वाला प्रमुख नाला अवरुद्ध हो गया है. इसके चलते मालवीय चौक, वालकट कंपाउंड और डफरीन अस्पताल परिसर में हल्की बारिश के दौरान भी जलभराव की स्थिति बन जाती है. उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में महानगरपालिका प्रशासन को लिखित रूप से अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक नाले की सफाई, गहरीकरण अथवा जल निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. सीएस डॉ. पवार की यह जानकारी सुनते ही सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने तत्काल अपने मोबाइल फोन से मनपा आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले को कॉल किया. उन्होंने बातचीत को स्पीकर मोड पर रखा ताकि वहां मौजूद सभी लोग स्थिति से अवगत हो सकें.
फोन पर बातचीत के दौरान जब मनपा आयुक्त डॉ. गोंदावले की ओर से कोई स्पष्ट और समाधानकारी जवाब नहीं मिला, तो विधायक प्रवीण पोटे का धैर्य जवाब दे गया. उन्होंने तीखे शब्दों में आयुक्त से कहा कि जब जिला शल्य चिकित्सक कार्यालय की ओर से लिखित पत्र भेजा गया था, तब उस पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई. इस समय विधायक पोटे ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, तुम लोग बैठकर कंचे खेल रहे हो क्या. अस्पताल प्रशासन बार-बार समस्या बता रहा है, पत्र भेज रहा है. फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही. आखिर जनता की समस्याओं की जिम्मेदारी कौन लेगा.
विधायक पोटे ने यह भी कहा कि रेलवे स्टेशन परिसर में किसी निजी संस्था या एजेंसी का निर्माण कार्य चल रहा है, तो उसकी वजह से आम नागरिकों और अस्पतालों को परेशानी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि महानगरपालिका के अधिकारी सरकारी कर्मचारी हैं और उनका पहला दायित्व जनता की सुविधाओं और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है. उन्होंने आयुक्त से कहा कि किसी भी निजी निर्माण कार्य को बचाने या उसके दबाव में आने के बजाय नागरिक हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. यदि नाला अवरुद्ध है और अस्पताल क्षेत्र में जलभराव का खतरा है, तो तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए.
इस बातचीत के दौरान विधायक प्रवीण पोटे ने मनपा आयुक्त को निर्देशात्मक लहजे में कहा कि महानगरपालिका की सभी उपलब्ध पोकलैंड मशीनों को गुरुवार सुबह इर्विन अस्पताल के पीछे भेजा जाए और रेलवे स्टेशन से लेकर मालवीय चौक तक नाले की खुदाई एवं सफाई का काम शुरू किया जाए. उन्होंने कहा, कल पांचों पोकलैंड मशीन लेकर मौके पर पहुंचिए. मैं और सांसद डॉ. अनिल बोंडे भी वहीं मौजूद रहेंगे. उस समय देखते हैं कि कौन आड़े आता है और कौन राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करता है.
विधायक पोटे और सांसद बोंडे की नाराजगी के बाद अब महानगरपालिका प्रशासन पर तत्काल कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है. स्थानीय नागरिकों का भी कहना है कि यदि समय रहते नाले की सफाई नहीं की गई, तो आगामी बारिश में अस्पताल परिसर, मालवीय चौक और आसपास के क्षेत्रों में गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है. भाजपा नेताओं ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कदम नहीं उठाए, तो इस मुद्दे को लेकर जनआंदोलन भी किया जा सकता है. फिलहाल गुरुवार को प्रस्तावित नाला सफाई अभियान और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.





