‘डफरीन’ को राजनीति का अड्डा न बनाया जाए, तीन बच्चों की मौत पर न हो राजनीति
विधायक रवि राणा का डफरीन अग्निकांड व तीन नवजातों की मौत पर कथन

अमरावती/दि.26 – विधानसभा आश्वासन समिती के अध्यक्ष व बडनेरा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक रवि राणा आज दोपहर जिला स्त्री अस्पताल यानी डफरीन अस्पताल पहुंचे. जहां पर उन्होंने दो दिन पहले भीषण अग्निकांड का शिकार हुए एनआयसीयू कक्ष को भेंट दी तथा आग में पूरी तरह से भस्मिसात एनआयसीयू कक्ष का निरीक्षण करते हुए प्रभारी जिला शल्य चिकित्सक डॉ. विनोद पवार से इस बारे में बातचित कर पूरी घटना को लेकर जानकारी हासिल की. इस समय विधायक रवि राणा का कहना रहा कि, अब डफरीन अस्पताल में हुए अग्निकांड एवं तीन नवजात बच्चों की मौत वाली घटना को लेकर कुछ लोगों द्वारा कई न कई अपनी राजनीतिक रोटियां शेकने का प्रयास किया जा रहा है. जबकि ऐसी हृदयविदारक व वेदनादायी घटना पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए.
डफरीन अस्पताल के एनआयसीयू कक्ष का मुआयना करने के बाद विधायक रवि राणा ने कहा कि, इस घटना को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा राजस्व मंत्री व जिला पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले व्यक्तिगत तौर पर पूरी गंभीरता के साथ ध्यान दे रहे है और मामले की जांच व आगे की कार्रवाई को लेकर लगातार फॉलोअप भी ले रहे है. जिसके तहत उच्चस्तरीय जांच समिती गठीत की गई है. इसकी रिपोर्ट के आधार पर इस अग्निकांड के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ बेहद कडाई के साथ जरूरी कार्रवाई की जाएगी. डफरीन अस्पताल में घटित अग्निकांड का शिकार हुए तीन नवजात बच्चों के परिवारों के साथ अपनी पूरी सहानुभूति व सांत्वना व्यक्त करते हुए विधायक रवि राणा ने कहा कि, जिन माताओं व परिवारों ने इस अग्निकांड में अपने दूधमुहे नवजात बच्चों को खोया है, उनके दुख और दर्द की महज कल्पना ही की जा सकती है. ऐसे में इस घटना से सबक लेते हुए ठोस उपाय व प्रबंधों पर ध्यान दिया जाना बेहद जरूरी है. ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
इस समय विधायक रवि राणा ने इस बात की ओर भी ध्यान दिलाया कि, प्रभारी सीएस डॉ. विनोद पवार द्वारा पीडब्ल्यूडी व महावितरण को डफरीन अस्पताल को फायर ऑडिट खत्म हो जाने की जानकारी से अवगत कराया गया था. लेकिन इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी व महावितरण द्वारा इस बात की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया. जिसके चलते इस अग्निकांड के लिए इन दोनों महकमों के अधिकारियों को भी जिम्मेदार माना जाना चाहिए. इसके साथ ही विधायक रवि राणा ने भीषण अग्निकांड के समय अपनी जान की जोखिम उठाते हुए कई नवजात बच्चों की जान बचानेवाले अस्पताल के डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ की प्रशंसा की. साथ ही उन्होंने कहा कि, डफरीन अस्पताल में गांव-देहात से वास्ता रखनेवाली सर्वसामान्य वर्ग की महिलाएं इलाज एवं प्रसुती के लिए आती है. उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है. ऐसे में इस बात की जांच होनी चाहिए कि, आखिर उस भयावह अग्निकांड के समय डफरीन अस्पताल में फायर अलार्म क्यों नहीं बजा और स्प्रिंकलर से पानी की बौछार क्यों शुरू नहीं हुई. इसके लिए भी जिम्मेदार रहनेवाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.





