रिश्वतखोरी मामले में आबकारी निरीक्षक के घर से 22 लाख बरामद

एफएल-3 लाइसेंस प्रकरण में जांच तेज

* वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका भी जांच के घेरे में
अमरावती/दि.27- एफएल-3 लाइसेंस के नाम पर 2.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किए गए अचलपुर आबकारी उपविभाग के दुय्यम निरीक्षक आकाश जाधव के मामले में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है. बुधवार को अमरावती एसीबी की टीम ने परतवाड़ा की ब्राह्मणसभा कॉलोनी स्थित जाधव के किराए के मकान की तलाशी ली. इस दौरान 22 लाख रुपए नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई है. जाधव फिलहाल आठ दिन की पुलिस रिमांड पर है.
* शिकायतकर्ता पर मार्च से दबाव का आरोप
एफएल-3 लाइसेंस के लिए शिकायतकर्ता पर मार्च महीने से ही आर्थिक दबाव बनाए जाने की बात जांच में सामने आई है. नागपुर एसीबी में शिकायत दर्ज कराने के बाद जाल बिछाकर जाधव को 2.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद मामले की जांच अमरावती एसीबी को सौंप दी गई.
* शिकायतकर्ता से अमरावती में पूछताछ
मामला अमरावती एसीबी के पास आने के बाद जांच अधिकारियों ने शिकायतकर्ता को बुधवार को कार्यालय बुलाया. उसकी वाइस रिकॉर्डिंग की जांच करने के साथ ही शिकायत से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की गई. शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर रिश्वत की कथित रकम के बंटवारे और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है.
* वरिष्ठ अधिकारी के नाम पर 5 लाख मांगने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, एफएल-3 लाइसेंस के लिए कुल 8 लाख रुपए की कथित रिश्वत मांगी गई थी. इसमें 3 लाख रुपए आकाश जाधव और 5 लाख रुपए ‘गर्जे साहेब’ को दिए जाने थे, ऐसा आरोप है. शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि जाधव से मुलाकात के बाद वह ‘गर्जे साहेब’ से मिला था और इसके बाद उसे अचलपुर में जाधव के पास भेजा गया. हालांकि, संबंधित वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका की अभी तक एसीबी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इस दिशा में जांच जारी है.
* 22 लाख की नकदी से बढ़े सवाल
जाधव के किराए के मकान से 22 लाख रुपए नकद मिलने की जानकारी सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है. इतनी बड़ी रकम घर में किस उद्देश्य से रखी गई थी और इसका रिश्वत प्रकरण से कोई संबंध है या नहीं, इसकी जांच की जा रही है.
* एसीबी की कार्रवाई पर भी सवाल
कार्रवाई नागपुर एसीबी की टीम ने की थी, जबकि बाद में मामला अमरावती एसीबी को सौंपा गया. शिकायतकर्ता को अमरावती बुलाए जाने, जाधव के घर से नकदी बरामद होने और वरिष्ठ अधिकारी की कथित भूमिका जैसे मुद्दों पर एसीबी की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. आठ दिन की पुलिस रिमांड के दौरान जाधव से पूछताछ में रिश्वत की रकम, उसके कथित बंटवारे, नकदी के स्रोत और अन्य संबंधित पहलुओं का खुलासा होने की संभावना है. अब जांच में वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका सामने आती है या नहीं, इस पर भी नजरें टिकी हैं.

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