निगमायुक्त के आदेश की अनदेखी करने वाले 5 कंत्राटी कर्मियों की सेवा समाप्त
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग में ड्यूटी नहीं संभालने पर कार्रवाई

* ठेका कर्मचारियों में मचा हड़कंप
अमरावती/दि.27- मनपा के जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग में नागरिकों को प्रमाणपत्र प्राप्त करने में हो रही देरी और असुविधा को देखते हुए मनपा आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले ने हाल ही में विभाग में 10 कर्मचारियों की तत्काल नियुक्ति के निर्देश दिए थे. इनमें से पांच कर्मचारियों द्वारा आयुक्त के आदेश की अनदेखी किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है. इस कार्रवाई से मनपा के ठेका कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है.
जानकारी के मुताबिक मनपा आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले के निर्देश पर मंगलवार को पांच अलग-अलग विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को मनपा की सेवा से कार्यमुक्त करने के आदेश जारी किए गए. सहायक आयुक्त श्रीकांत चव्हाण के हस्ताक्षर से जारी आदेश के अनुसार ठेका प्रणाली पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर दीपाली राणे, सारिका अंबाटकर, उमेश भुसे, खुशबू बैस और संतोष लाड की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं.
* आदेश की अनदेखी पर कार्रवाई
सहायक आयुक्त की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि मनपा आयुक्त के निर्देश के बावजूद संबंधित पांच कर्मचारियों ने उन्हें सौंपे गए कार्य की जिम्मेदारी नहीं निभाई. इसे प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है. इसके बाद पांचों कर्मचारियों को मनपा की सेवा से कार्यमुक्त कर दिया गया.
* जन्म-मृत्यु विभाग में बढ़ रही थी नागरिकों की भीड़
मनपा के जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग में पिछले कई महीनों से नागरिकों की रोजाना बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ रही है. प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए नागरिकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा था. इससे नागरिकों को होने वाली परेशानी को देखते हुए मनपा आयुक्त ने विभाग में अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए थे. इसी आदेश के तहत 10 कर्मचारियों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग में काम सौंपा जाना था. हालांकि, इनमें से पांच कर्मचारियों द्वारा निर्देशों का पालन नहीं किए जाने के कारण प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की.
* ठेका कर्मचारियों में मचा हड़कंप
एक साथ पांच कर्मचारियों की सेवा समाप्त किए जाने से मनपा में ठेका पद्धति पर कार्यरत अन्य कर्मचारियों में भी खलबली मच गई है. प्रशासन की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जा सकती है, यह संदेश इस कार्रवाई से कर्मचारियों तक पहुंचा है.




