डफरीन अग्निकांड में किसी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा

स्वास्थ्य राज्यमंत्री मेघना बोर्डीकर का कथन

* भस्मिसात एनआईसीयू का किया निरीक्षण
अमरावती/दि.27 – डफरीन जिला महिला अस्पताल के एनआईसीयू में हुए भीषण अग्निकांड के बाद गुरुवार को महाराष्ट्र की स्वास्थ्य राज्यमंत्री मेघना बोर्डीकर अमरावती पहुंचीं. उन्होंने अस्पताल का दौरा कर आग से प्रभावित एवं भस्मिसात हुए एनआईसीयू कक्ष का निरीक्षण किया तथा अस्पताल प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने घटना को अत्यंत दुखद, हृदयविदारक और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है तथा इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राज्यमंत्री मेघना बोर्डीकर ने कहा कि डफरीन अस्पताल में हुई घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए थे. मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए. उन्होंने बताया कि गठित समिति आठ दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों अथवा संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.
राज्यमंत्री बोर्डीकर ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी में यह बात सामने आई है कि अस्पताल प्रशासन द्वारा फायर ऑडिट कराने की आवश्यकता के संबंध में लिखित रूप से सूचित किए जाने के बावजूद समय पर फायर ऑडिट नहीं किया गया. ऐसे में यह गंभीर लापरवाही का विषय है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच समिति इस बात की भी पड़ताल करेगी कि फायर ऑडिट क्यों नहीं हुआ, इसमें किस स्तर पर चूक हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है. यदि किसी अधिकारी, विभाग या एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.
डफरीन अस्पताल के एनआईसीयू और एसएनसीयू विभाग प्रभावित होने के कारण वर्तमान में कई नवजात बच्चों को निजी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है. इस संबंध में राज्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि जब तक डफरीन अस्पताल में नवजात शिशुओं के लिए एसएनसीयू और एनआईसीयू की सुविधाएं पूरी तरह से पुनः शुरू नहीं हो जातीं, तब तक यहां से निजी अस्पतालों में भेजे जाने वाले बच्चों के उपचार का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी. उन्होंने कहा कि किसी भी नवजात या उसके परिवार को आर्थिक कारणों से उपचार से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा और सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार की हर संभव सहायता करेगी.
अग्निकांड के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर नवजात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने वाले डॉक्टरों, नर्सों और ठेका नियुक्त कर्मचारियों की सराहना करते हुए मेघना बोर्डीकर ने कहा कि संकट की उस घड़ी में जिन कर्मचारियों ने असाधारण साहस और मानवता का परिचय दिया, उनके कार्य को सरकार गंभीरता से देख रही है. उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारियों के संबंध में सरकार सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएगी और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने पर विचार किया जाएगा. राज्यमंत्री बोर्डीकर ने कहा कि डफरीन अग्निकांड केवल एक अस्पताल की घटना नहीं है, बल्कि यह पूरे स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है. इसलिए राज्य सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यापक स्तर पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा करेगी. उन्होंने बताया कि अस्पतालों की फायर सेफ्टी, आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा, चिकित्सा उपकरणों की गुणवत्ता और नियमित निरीक्षण व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
मीडिया से चर्चा के दौरान राज्यमंत्री मेघना बोर्डीकर ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिले. इसी उद्देश्य से सरकार का प्रयास है कि राज्य में प्रत्येक पांच किलोमीटर की दूरी पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि लोगों को समय पर उपचार मिल सके. डफरीन अस्पताल के दौरे के दौरान स्वास्थ्य राज्यमंत्री मेघना बोर्डीकर के साथ भाजपा के जिलाध्यक्ष एवं विधायक प्रताप अडसड, महापौर श्रीचंद तेजवानी, मनपा के नेता प्रतिपक्ष चेतन गावंडे, पार्षद आशीष अतकरे, पूर्व पार्षद प्रणित सोनी, भाजपा महिला शहराध्यक्ष सुधा तिवारी, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. विनोद पवार तथा एसएनसीयू विभाग प्रमुख डॉ. प्रीती इंगले सहित स्वास्थ्य विभाग और भाजपा के अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे.

Back to top button