बाघ के हमले में किसान की मौत

मोर्शी तहसील के जुना भांबोरा जंगल की घटना

* मुआवजे और नौकरी की मांग पर भड़के ग्रामीण
* आरती वानखड़े की मध्यस्थता के बाद शांत हुआ विवाद
* पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव, आगे की कार्रवाई शुरू
अमरावती/मोर्शी/दि.27 – जिले की मोर्शी तहसील अंतर्गत जुना भांबोरा जंगल क्षेत्र में बाघ के हमले में एक किसान की दर्दनाक मौत हो जाने से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया. मृतक की पहचान भांबोरा निवासी 52 वर्षीय चरणदास ईखे के रूप में हुई है. घटना के बाद परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्रित होकर प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन पर उतर आए तथा मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए बिना पोस्टमार्टम नहीं होने देने की भूमिका अपनाई. घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन संतप्त ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ. ग्रामीणों का कहना था कि वन्यजीवों के बढ़ते हमलों के बावजूद प्रशासन प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है, जिसके कारण निर्दोष किसानों की जान जा रही है.
बाघ के हमले में किसान की मौत की खबर फैलते ही भांबोरा और आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए. ग्रामीणों ने मृतक के परिवार के लिए तत्काल आर्थिक सहायता, स्थायी पुनर्वास और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की. मांगें पूरी होने तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजने का निर्णय लिया गया, जिससे कई घंटों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. ग्रामीणों का आरोप था कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघ और अन्य वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ी है, लेकिन वन विभाग द्वारा पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए जा रहे हैं. किसानों को खेतों और जंगल से सटे क्षेत्रों में लगातार खतरे का सामना करना पड़ रहा है.
* भाजपा नेत्री आरती वानखड़े ने संभाला मोर्चा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष आरती राजेश वानखड़े तत्काल मौके पर पहुंचीं. उन्होंने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें धैर्य रखने की अपील की. इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से भी सीधे संवाद स्थापित किया. आरती वानखड़े ने जिलाधिकारी तथा उपवन संरक्षक (डीएफओ) से फोन पर चर्चा कर ग्रामीणों की मांगों से अवगत कराया और त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की मांग की. उनके प्रयासों के बाद प्रशासन की ओर से मृतक परिवार को घोषित मुआवजा राशि में से तत्काल राहत उपलब्ध कराने पर सहमति बनी.
* आज ही 5 लाख रुपये देने पर बनी सहमति
बैठक के दौरान यह तय किया गया कि वन्यप्राणी हमले में मृत्यु होने पर शासन द्वारा घोषित 25 लाख रुपये की सहायता राशि में से 5 लाख रुपये की तत्काल अंतरिम सहायता मृतक परिवार को आज ही उपलब्ध कराई जाएगी. इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के विषय पर भी सकारात्मक विचार करने का आश्वासन प्रशासन की ओर से दिया गया. इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों का आक्रोश कुछ कम हुआ और उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने पर सहमति व्यक्त की.
* मध्यस्थता के बाद खुला रास्ता
कई घंटों तक चले गतिरोध के बाद आरती वानखड़े की मध्यस्थता सफल रही. उन्होंने कहा कि मृतक परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा और प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए. उनके समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्शी उपजिला अस्पताल भेजा गया. इस समय मोर्शी के तहसीलदार सागर ढवले सहित राजस्व एवं वनविभाग के कई अधिकारी भी उपस्थित थे.

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