24 घंटे में आठ लोगों ने की आत्महत्या

खेती का कर्ज, पारिवारिक तनाव, नशे की लत और मानसिक परेशानी बने वजह

* जिले में चिंता का माहौल
अमरावती/दि.28 अमरावती जिले में आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है. पिछले 24 घंटे के दौरान जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में आठ लोगों की आत्महत्या के मामले सामने आए हैं. इनमें तीन किसान भी शामिल हैं. खेती का कर्ज, पारिवारिक विवाद, शराब की लत और मानसिक तनाव जैसे कारण इन घटनाओं के पीछे बताए जा रहे हैं. सभी घटनाएं 26 अगस्त को सामने आने से जिले में खलबली मच गई है.
धामणगांव रेलवे तहसील के जलगांव मंगरुल निवासी वासुदेव रामराव शिवंकर (54) ने बुधवार सुबह करीब 5.30 बजे अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. चिखलदरा तहसील के मरियमपुर निवासी अनुराग प्रेमकुमार जांभेकर (26) ने भी मंगलवार शाम आत्महत्या कर ली. वहीं, असेगांव पूर्णा निवासी अक्षय कैलास भावटे (30) ने नशे की हालत में मंदिर की घंटी से बेल्ट बांधकर फांसी लगा ली. नाचोना निवासी कुसुम गंगाधर वानखड़े (65) ने भी आत्महत्या कर ली.
* तीन किसानों ने भी उठाया आत्मघाती कदम
जिले में तीन किसानों की आत्महत्या के मामले भी सामने आए हैं. वरुड तहसील के लोनी निवासी किसान समीर वसंतराव बैसकर (30) ने अपने खेत में पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि समीर पर बैंक का कर्ज था और वह उसे चुकाने को लेकर परेशान था. बेनोडा पुलिस ने मामले में आकस्मिक मृत्यु का प्रकरण दर्ज किया है. ब्राह्मणवाड़ा थड़ी पुलिस थाना क्षेत्र के रायपुर (मोर्शी तहसील) निवासी सतीश दामोदरराव मानेकर (50) ने अपने खेत में जहरीला पदार्थ खा लिया. इसी तरह वरुड तहसील के बाभुलखेड़ा निवासी हर्षल गोपालराव जिचकार (24) ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.
* पत्नी और बेटे के अलग होने से मानसिक तनाव
आमला विश्वेश्वर निवासी गजानन मारोत्राव नागोशे (52) ने पत्नी और बेटे के साथ नहीं रहने के कारण कथित तौर पर अत्यधिक मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या कर ली. चांदूर रेलवे पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु का प्रकरण दर्ज किया है. एक ही दिन में आत्महत्या की इतनी घटनाएं सामने आने से जिले में चिंता का माहौल है. पुलिस द्वारा सभी मामलों की जांच की जा रही है.

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