तिवसा के प्रख्यात लेखक डॉ. रवि दलाल नेल्सन मंडेला अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित

अमरावती/दि.28- मराठी साहित्य जगत के प्रख्यात लेखक एवं कथाकार डॉ. रवि दलाल ने अपनी लेखनी से राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई है. उनके साहित्यिक योगदान को देखते हुए उन्हें प्रतिष्ठित नेल्सन मंडेला अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
तिवसा निवासी डॉ. रवि दलाल ने अब तक करीब 40 पुस्तकों का लेखन किया है. इनमें काव्य संग्रह, कहानी संग्रह, उपन्यास और वैचारिक ग्रंथ शामिल हैं. अपनी विशिष्ट लेखन शैली के माध्यम से उन्होंने मराठी साहित्य जगत में अलग पहचान बनाई है. साहित्य क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए हरियाणा विश्वविद्यालय ने उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि भी प्रदान की है. उनकी चर्चित कहानी ‘दंगल’ ने सात देशों में प्रथम स्थान हासिल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी थी. अब उनके उपन्यास ‘नामा’ की भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है. इसी साहित्यिक योगदान के लिए लंदन से जुड़े प्रतिष्ठित नेल्सन मंडेला अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से उन्हें सम्मानित किया गया. 24 अगस्त को पुणे स्थित मराठा चेंबर ऑफ कॉमर्स, स्वारगेट में आयोजित भव्य समारोह में लंदन की प्रसिद्ध शोधकर्ता एवं लेखिका डॉ. लुसिया हेनरी के हाथों डॉ. रवि दलाल को यह पुरस्कार प्रदान किया गया. इस अवसर पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मैगजीन ‘मैक्सिम’ के मुखपृष्ठ पर स्थान देकर सम्मानित किए जाने का भी उल्लेख किया गया. आयोजकों के अनुसार, किसी मराठी लेखक को इस तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना गौरव की बात है.
महाराष्ट्र के छोटे से गांव तिवसा से निकलकर डॉ. रवि दलाल ने अपनी लेखनी का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया है. उनका साहित्य सामाजिक मुद्दों, विचारों और मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त करते हुए समाज को दिशा देने का प्रयास करता है. डॉ. दलाल को उनके प्रभावशाली वक्तृत्व कौशल के लिए भी जाना जाता है. उनका व्यक्तित्व वैचारिक और विद्रोही तेवरों से युक्त माना जाता है. साहित्य के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण शिखर हासिल करने के बावजूद स्थानीय स्तर पर अपेक्षित दखल न मिलने की भावना उनके समर्थकों में व्यक्त की जा रही है. उनके अंतरराष्ट्रीय सम्मान को संपूर्ण महाराष्ट्र और मराठी साहित्य जगत के लिए गौरव का विषय बताया जा रहा है.





