अमराठी ऑटो-टैक्सी चालकों को एक साल की राहत

सीएम फडणवीस ने परिवहन विभाग का फैसला बदला

* मंत्रियों के फैसलों में बदलाव के अधिकार मिलने के बाद लिया पहला बड़ा निर्णय
* उबाठा सांसद संजय राऊत ने फैसले के पीछे राजनीति का दावा किया
मुंबई/दि.28 – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मंत्रियों द्वारा लिए गए फैसलों में बदलाव या उन्हें रद्द करने का अधिकार मिलने के बाद उन्होंने परिवहन विभाग के एक निर्णय में बदलाव किया है. परिवहन विभाग द्वारा अमराठी टैक्सी और ऑटो चालकों से संबंधित लिए गए निर्णय को मुख्यमंत्री ने बदलते हुए संबंधित व्यवस्था के लिए एक वर्ष की अवधि बढ़ा दी है. परिवहन विभाग मुख्यमंत्री फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री प्रताप सरनाईक के पास है. ऐसे में विभागीय स्तर पर लिए गए निर्णय में मुख्यमंत्री द्वारा बदलाव किए जाने के बाद इस फैसले को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है.
जानकारी के मुताबिक, मंत्रियों द्वारा लिए गए निर्णयों में मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से संबंधित व्यवस्था में बदलाव के बाद मुख्यमंत्री को किसी मंत्री के निर्णय की समीक्षा कर उसे बदलने का अधिकार प्राप्त हुआ है. इसके लिए आधिकारिक अधिसूचना भी जारी की गई है. इस अधिकार के बाद परिवहन विभाग के अमराठी ऑटो और टैक्सी चालकों से जुड़े निर्णय में बदलाव मुख्यमंत्री फडणवीस का पहला प्रमुख हस्तक्षेप माना जा रहा है.
इस बीच शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राऊत ने मुख्यमंत्री के इस फैसले पर राजनीतिक सवाल उठाए हैं. राऊत का दावा है कि फडणवीस यह संदेश देना चाहते हैं कि सरकार में अंतिम निर्णय लेने की शक्ति उनके पास है. राऊत ने यह भी दावा किया कि फडणवीस को भविष्य में दिल्ली की राजनीति में जाना पड़ा तो उनके स्थान पर आने वाले व्यक्ति के लिए अभी से राजनीतिक व्यवस्था तैयार की जा रही है. हालांकि, राऊत ने अपने इस दावे के समर्थन में किसी संभावित उत्तराधिकारी का नाम नहीं बताया है. राऊत के बयान के बाद फडणवीस के उत्तराधिकारी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई हैं. हालांकि, फडणवीस या भाजपा की ओर से उत्तराधिकारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा या पुष्टि नहीं की गई है. वहीं, अमराठी ऑटो-टैक्सी चालकों से संबंधित निर्णय में एक वर्ष की दी गई राहत को लेकर सरकार की ओर से निर्णय के प्रशासनिक कारणों पर ही जोर दिया गया है. इस मामले में राऊत द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

Back to top button