डफरीन अग्निकांड पर विपक्ष निभा रहा खलनायक की भूमिका
सांसद डॉ. अनिल बोंडे का कथन, राजनीति नहीं, समाधान को बताया जरूरी

* अस्पताल आग हादसे को निधि से जोड़कर सरकार को बदनाम करने का लगाया आरोप
अमरावती/दि.31– अमरावती जिला महिला अस्पताल (डफरीन) में हुए अग्निकांड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. इस बीच भाजपा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार के प्रतिनिधि जहां घटनास्थल पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान करने, पीड़ित परिवारों की सहायता करने और बचाव कार्यों को प्रोत्साहित करने का काम करते हैं, वहीं विपक्ष केवल सरकार को बदनाम करने और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है.
सांसद डॉ. अनिल बोंडेे ने कहा कि डफरीन अस्पताल में हुई दुखद घटना के बाद सरकार के प्रतिनिधियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, मृत नवजात शिशुओं के परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने तथा घायल बच्चों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया. इसके विपरीत विपक्षी नेता केवल राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से घटनास्थल पर पहुंचे और आरोप-प्रत्यारोप में जुट गए.
* सरकार समाधान करती है, विपक्ष राजनीति
सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने कहा कि सरकार के प्रतिनिधि हीरो-हीरोइन की तरह समस्याओं का समाधान करने के लिए मैदान में उतरते हैं, जबकि विपक्ष खलनायक की भूमिका निभाते हुए केवल आलोचना करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि मृत नवजातों के परिवारों के दुख को समझने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के सुझाव देने के बजाय विपक्ष राजनीतिक माहौल बनाने में लगा हुआ है.
* निधि और अग्निकांड को जोड़ना गलत
सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने स्पष्ट किया कि अस्पताल की अग्निसुरक्षा और विद्युत व्यवस्था के ऑडिट तथा अन्य सुधार कार्यों के लिए वित्तीय प्रावधान पहले ही किया जा चुका था. उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए लगभग साढ़े नौ करोड़ रुपये की निधि निर्धारित की गई है, जिसे 15 सितंबर तक प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद मार्च तक खर्च करने की योजना है. उन्होंने कहा कि इस निधि का डफरीन अस्पताल में हुई आग की घटना से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है. बावजूद इसके विपक्ष लगातार निधि के मुद्दे को अग्निकांड से जोड़कर सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है.
* मुख्यमंत्री और पालकमंत्री को बदनाम करने का आरोप
सांसद डॉ. अनिल बोंडेे ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष उनके प्रयासों को नजरअंदाज कर केवल सरकार को कटघरे में खड़ा करने का काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि डफरीन अग्निकांड जैसी संवेदनशील घटना पर राजनीति करने के बजाय सभी पक्षों को स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सकारात्मक सहयोग करना चाहिए.
* विपक्ष पर संवेदनहीनता का आरोप
सांसद डॉ. अनिल बोंडेे ने कहा कि हादसे में अपने बच्चों को खो चुके परिवारों के दुख और अस्पताल में उपचाररत बच्चों की स्थिति को लेकर संवेदनशीलता दिखाने के बजाय विपक्ष राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त है. उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को खलनायक की भूमिका निभानी है तो यह उनका निर्णय हो सकता है, लेकिन सरकार पीड़ितों की सहायता और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है. डफरीन अग्निकांड को लेकर जहां एक ओर जांच और जवाबदेही की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता दिखाई दे रहा है.





