अंबा नाले में कचरा फेंकने वालों पर महापौर का शिकंजा, दो पर जुर्माना
राजकमल चौक से राजापेठ के बीच महापौर श्रीचंद तेजवानी ने किया निरीक्षण

* अस्पताल का जैव-चिकित्सकीय कचरा नाले में फेंकने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
अमरावती /दि.31- शहर के नालों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ अमरावती मनपा ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है. रविवार को महापौर श्रीचंद तेजवानी ने राजकमल चौक से राजापेठ के बीच स्थित अंबा नाले का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया. इस दौरान नाले में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो मामलों में जुर्माना लगाया गया.
महापौर के अचानक निरीक्षण से नालों में अवैध रूप से कचरा फेंकने वालों में हड़कंप मच गया. नालों में बड़ी मात्रा में कचरा जमा होने से बारिश के दौरान पानी के प्रवाह में बाधा, जलभराव और दुर्गंध के साथ ही बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसे देखते हुए महापौर ने अधिकारियों को कचरा फेंकने वालों के खिलाफ बिना किसी रियायत के कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
* कचरा नाले में नहीं, घंटागाड़ी में दें
महापौर तेजवानी ने नागरिकों से अपील की कि घरों और परिसर का कचरा नाले, सड़क अथवा किसी सार्वजनिक स्थान पर न फेंकें. मनपा की घंटागाड़ी में ही कचरा दिया जाए. उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ रखना केवल महानगरपालिका की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है. उन्होंने नागरिकों से यह भी अपील की कि यदि कोई व्यक्ति नाले या सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकता दिखाई दे तो उसकी अनदेखी न करें और संबंधित प्रभाग के स्वास्थ्य निरीक्षक को इसकी जानकारी दें.
*नाले में फेंका जा रहा अस्पताल का जैव-चिकित्सकीय कचरा
इस बीच नगरसेविका लविना हर्षे के घर के समीप स्थित नाले में बड़ी मात्रा में अस्पताल का जैव-चिकित्सकीय कचरा और खराब सामग्री फेंके जाने का गंभीर मामला सामने आया है. जानकारी मिलते ही महापौर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया. अस्पताल से निकलने वाला जैव-चिकित्सकीय कचरा सामान्य घरेलू कचरे की तुलना में अधिक संवेदनशील होता है. इसका नियमानुसार संकलन और निपटारा किया जाना आवश्यक है. ऐसे में नाले में मेडिकल कचरा फेंके जाने को महापौर ने गंभीरता से लिया है.
* संबंधित अस्पताल की जानकारी लेकर जांच के आदेश
महापौर ने अधिकारियों को नाले में अस्पताल का जैव-चिकित्सकीय कचरा और खराब सामग्री फेंकने पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए. साथ ही संबंधित अस्पताल की जानकारी जुटाकर मामले की जांच करने तथा नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई करने के आदेश दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि जैव-चिकित्सकीय कचरे को खुले में या नालों में फेंकने से नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है. इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
* ‘नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा’
महापौर श्रीचंद तेजवानी ने चेतावनी दी कि नालों में मेडिकल अथवा जैव-चिकित्सकीय कचरा फेंककर नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि नाले कचरा फेंकने के लिए नहीं, बल्कि बारिश के पानी की निकासी के लिए होते हैं. इनमें प्लास्टिक, घरेलू कचरा और खराब सामग्री डालने से पानी का प्रवाह बाधित होता है और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है. मनपा ने संबंधित स्वास्थ्य निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करने और कचरा फेंकने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. निरीक्षण के दौरान नगरसेवक एडवोकेट प्रशांत देशपांडे, जोन क्रमांक 2 के सहायक आयुक्त भूषण पुसतकर और स्वास्थ्य निरीक्षक प्रशांत गावनेर उपस्थित थे.





