घरवालों को बताए बिना निकली अकोला की नाबालिग लड़की सुरक्षित मिली
रेलवे टिकट जांच कर्मचारियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

अकोला /दि.31- मध्य रेलवे के टिकट जांच कर्मचारियों की सतर्कता और सूझबूझ के चलते घरवालों को बिना बताए निकली अकोला निवासी एक नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर परिजनों के हवाले कर दिया गया. रेलवे कर्मचारियों की संवेदनशीलता और जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली से एक परिवार पर आने वाला बड़ा संकट टल गया.
जानकारी के मुताबिक 25 अगस्त को ट्रेन क्रमांक 11404 में ड्यूटी पर तैनात चीफ टिकट निरीक्षक एस.जी. पराते और ट्रैवलिंग टिकट निरीक्षक ए.जी. धाडसे को पुलगांव स्टेशन के पास मुख्य टिकट निरीक्षक एस.एम. जाधव और एस.पी. देशमुख से फोन पर सूचना मिली कि अकोला की एक नाबालिग लड़की घर से बिना बताए निकल गई है और किसी का फोन भी नहीं उठा रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए लड़की का फोटो व्हॉट्सऐप पर टिकट जांच कर्मचारियों को भेजा गया. फोटो मिलते ही धडसे और पराते ने बिना समय गंवाए ट्रेन के पिछले जनरल कोच में जांच शुरू कर दी. कुछ ही देर में उन्हें फोटो में दिखाई दे रही लड़की मिल गई. पूछताछ के बाद उसके अकोला से घर से निकलने की पुष्टि हुई.
* वर्धा स्टेशन पर जीआरपी-आरपीएफ को सौंपा
लड़की की पहचान सुनिश्चित होने के बाद टीटीई दल ने तत्काल नागपुर के कमर्शियल कंट्रोल को इसकी जानकारी दी और वर्धा स्टेशन पर महिला जीआरपी तथा आरपीएफ कर्मियों को तैनात करने का अनुरोध किया. ट्रेन के वर्धा स्टेशन पहुंचते ही जीआरपी के एएसआई रविंद्र खंडारे तथा आरपीएफ कांस्टेबल हेमराज वासनिक और उनके सहयोगियों की मौजूदगी में नाबालिग लड़की को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द किया गया. आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद लड़की को उसके माता-पिता के हवाले कर दिया गया.
* कर्मचारियों के बेहतर समन्वय की सराहना
घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने वाले टिकट जांच दल के जाधव, देशमुख, पराते और धाडसे तथा जीआरपी के रविंद्र खंडारे और आरपीएफ के हेमराज वासनिक की तत्परता की सराहना की जा रही है. रेलवे कर्मचारियों के समय पर किए गए प्रयास और आपसी समन्वय के कारण नाबालिग लड़की सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंच सकी और एक बड़ा अनर्थ टल गया.





