शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान का मांगा अधिकार
कोचिंग क्लासेस के नियम शिथिल करें

* शिखर संगठन की प्रारुप में संशोधन की मांग
* पदाधिकारियों की पत्रकार परिषद
* उच्च न्यायालय जाने की चेतावनी
अमरावती /दि.29- महाराष्ट्र राज्य निजी कोचिंग क्लास संचालकों की शिखर संगठना ने राज्य शासन के निजी कोचिंग क्लास मसौदे के नियमों को शिथिल करने की मांग की है. जिसमें प्रमुख रुप से 100 से अधिक विद्यार्थी रहने वाली क्लास के ही पंजीयन, एक विद्यार्थी हेतु आधा वर्ग फीट की जगह, महिने में एक बार मानसोपचार तज्ञ की विजिट न किए जाने पर दंड के प्रावधान का अनुरोध एससीसीटीआई ने किया है. आज दोपहर मराठी पत्रकार भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में अमरावती अध्यक्ष संतोष वासकर, राज्य प्रवक्ता बंडोपंत भुयार, सचिव दिलीप मेहेंदले, कोषाध्यक्ष सतीश देशमुख, सुधीर यावलकर, सुनील मानकर, विशाल बारबुद्धे, सुरेंद्र पाथरे, आदित्य वाघमारे आदि ने उपरोक्त अनुरोध किया.
उल्लेखनीय है कि, महाराष्ट्र सरकार ने कोचिंग क्लासेस में हो रही भीषण दुर्घटनाओं को देखते हुए नई नियमावली जारी की है. उसके मसौदे पर सुझाव और आपत्तियां मंगाई है. यह आपत्तियां आगामी 4 सितंबर की शाम 6 बजे तक दर्ज कराई जा सकती हैं. इसी परिप्रेक्ष में आज पत्रकार परिषद ली गई.
राज्य प्रवक्ता भुयार ने कहा कि, सभी कोचिंग क्लासेस को एक जैसे नियम लागू नहीं किए जा सकते. पंजीयन के लिए तीन वर्ष की बजाए एक बार ही छूट रहनी चाहिए. 13 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों की कोचिंग क्लास पर बंदी की बजाए पालकों की इच्छा से ऐसे विद्यार्थियों को कोचिंग की छूट दी जाए, अनुभवी अध्यापक पदवी की शर्त रद्द की जाए, फीस लौटाने की शर्त रद्द की जाए. उसी प्रकार कोचिंग क्लास पर अधिकारियों के आने से पहले उन्हें सूचित करने का भी प्रावधान किए जाने की मांग रखी गई.
पत्रकार परिषद में प्रा. भुयार ने कहा कि, प्रदेश की शालाओं के समान कोचिंग क्लास के अध्यापकों के लिए भी पुरस्कार योजना हो. उन्हें अनुभव के आधार पर प्रदेश शिक्षा बोर्ड पर सदस्य नियुक्त किया जाए, अध्यापक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र हेतु मतदान का अधिकार दिया जाए. उसी प्रकार सभी कोचिंग क्लास के लिए रैम्प अनिवार्य की शर्त रद्द करने का अनुरोध संगठन ने किया. संगठन ने उनके सुझावों पर सरकार द्वारा ध्यान न दिए जाने की स्थिति में कोर्ट जाने की तैयारी दर्शायी.





