नेपाल बाढ़ के बीच अमरावती के यात्रियों से राहतभरी खबर
कांचन पांडे सहित एक अन्य युवक सुरक्षित

* कैलास मानसरोवर यात्रा पर गईं कांचन पांडे ने परिजनों से किया संपर्क
* नेपाल में फंसे बुधवारा के युवक ने भी अपनी कुशलता की दी सूचना
अमरावती/दि.29 – नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी (भुटेकोशी) नदी में आई अचानक बाढ़ के बाद लापता और फंसे पर्यटकों को लेकर बनी चिंता के बीच अमरावती के लिए राहतभरी खबर सामने आई है. कैलास मानसरोवर यात्रा पर गईं अमरावती की कांचन विलास पांडे तथा नेपाल भ्रमण पर गए शहर के बुधवारा परिसर निवासी एक युवक सुरक्षित हैं और उन्होंने अपने परिजनों से संपर्क कर अपनी कुशलता की जानकारी दी है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमरावती जिला परिषद के शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त लिपिक कांचन विलास पांडे (सराफ) 17 अगस्त को अमरावती से नागपुर, नागपुर से दिल्ली और वहां से नेपाल के लिए रवाना हुई थीं. वे कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए गए 157 यात्रियों के समूह का हिस्सा हैं. नेपाल में आई बाढ़ और संपर्क व्यवस्था बाधित होने के कारण परिजनों की चिंता बढ़ गई थी. हालांकि शुक्रवार सुबह कांचन पांडे का अपने पति विलास पांडे से संपर्क हुआ. उन्होंने स्वयं को पूरी तरह सुरक्षित बताया. इसके बाद विलास पांडे ने अमरावती जिला प्रशासन के नियंत्रण कक्ष को इसकी जानकारी देकर परिवार की चिंता दूर होने की बात कही. विलास पांडे ने बताया कि यात्रा दल में पुणे के अनिल आचार्य भी शामिल हैं. आचार्य के अनुसार उनके समूह के सभी यात्री सुरक्षित हैं. महाराष्ट्र सरकार और नेपाल प्रशासन के समन्वय से यात्रियों की सुरक्षित वापसी की व्यवस्था की जा रही है. यात्रियों की वापसी 29 अगस्त को प्रस्तावित थी, लेकिन बाढ़ की स्थिति के कारण इसमें दो से तीन दिन की देरी हो सकती है.
* दो दिन बाद परिजनों से संपर्क में आया युवक
इधर नेपाल भ्रमण पर गए अमरावती शहर के बुधवारा निवासी 30 वर्षीय श्याम मरोडकर नामक युवक को लेकर भी पिछले दो दिनों से चिंता का माहौल था. बाढ़ के बाद इस युवक से संपर्क नहीं हो पा रहा था, जिससे उनके परिवारजन चिंतित थे. रिश्तेदारों ने अमरावती जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर मदद मांगी थी. जिला प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर श्याम मरोडकर से संपर्क साधने का प्रयास शुरू किया. इसी दौरान गुरुवार को श्याम मरोडकर ने स्वयं अपने परिजनों से संपर्क कर सुरक्षित होने की जानकारी दी. परिजनों के अनुसार नेपाल में बाढ़ और खराब मौसम के कारण दूरसंचार सेवाएं प्रभावित हुई थीं, जिससे संपर्क टूट गया था. श्याम मरोडकर ने खुद को सुरक्षित बताते हुए कहा कि, स्थिति सामान्य होने के बाद वापस लौटेंगे.
* प्रशासन ने ली राहत की सांस
नेपाल में आई बाढ़ के कारण भारतीय पर्यटकों और यात्रियों को लेकर लगातार चिंता व्यक्त की जा रही थी. अमरावती के यात्रियों के सुरक्षित होने की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन, आपदा नियंत्रण कक्ष और परिजनों ने राहत की सांस ली है. हालांकि प्रशासन ने बताया कि नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. नेपाल में फंसे यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार के स्तर पर भी आवश्यक समन्वय किया जा रहा है.





