‘छात्रों की गूंज’ से युवा छात्र-छात्राओं की आवाज को मिला राष्ट्रीय मंच

पुणे से वापिस लौटकर पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर का कथन

* भाजपा के ‘पेड इवेंट’ वाले आरोप को बताया निराधार
अमरावती/दि.29 – पुणे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं की मौजूदगी और महिलाओं की स्वतंत्रता, सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक भेदभाव जैसे मुद्दों पर हुई चर्चा को कांग्रेस जहां युवाओं के सवालों की अभिव्यक्ति बता रही है, वहीं भाजपा की ओर से कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए गए हैं. अमरावती की पूर्व पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने इस कार्यक्रम की तैयारियों, उसके उद्देश्य और भाजपा की आपत्तियों पर अपनी प्रतिक्रिया दी.
* 20 कॉलेजों की छात्राओं से किया संवाद
पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर के अनुसार, 22 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम की तैयारियों के लिए वह 16 अगस्त को ही पुणे पहुंच गई थीं. कार्यक्रम से पहले उन्होंने करीब 20 कॉलेजों में जाकर छात्राओं से संवाद किया. इस दौरान छात्राओं की समस्याओं, अपेक्षाओं और भविष्य से जुड़े मुद्दों को समझने का प्रयास किया गया. उनके मुताबिक, इसी संवाद के बाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित हुई. उन्होंने कार्यक्रम की सफलता का श्रेय कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, बंटी सतेज पाटील, विश्वजीत कदम सहित संगठन के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिया.
* राहुल गांधी का महिलाओं को ‘बोलने और अपनी पहचान बनाने’ का संदेश
पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने बताया कि कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्राओं से खुलकर अपनी बात रखने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया. उन्होंने महिलाओं की स्वतंत्र पहचान, शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और पितृसत्तात्मक सोच जैसे मुद्दों पर चर्चा की. सांसद राहुल गांधी ने महिलाओं को नियंत्रित करने वाली मानसिकता के विभिन्न पहलुओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं की पहचान केवल पिता, पति या बेटे से नहीं होनी चाहिए. ठाकुर के अनुसार, छात्राओं को डर या दबाव में रहने के बजाय अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर मुखर होने का संदेश दिया गया.
* इस वजह के चलते सिर्फ लड़कियों को क्यों बुलाया
कार्यक्रम में केवल छात्राओं को आमंत्रित किए जाने पर उठे सवालों का जवाब देते हुए पूर्व मंत्री ठाकुर ने कहा कि जब चर्चा का केंद्र महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वतंत्रता और भविष्य था, तो छात्राओं की सीधी भागीदारी स्वाभाविक थी. उन्होंने कहा कि लड़कियां देश का भविष्य हैं और उन्हें अपने सवाल सीधे रखने का अवसर मिलना चाहिए.
* भाजपा के ‘पेड इवेंट’ आरोप पर पलटवार
कार्यक्रम को भाजपा नेताओं द्वारा ‘पेड इवेंट’ बताए जाने पर पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने इन आरोपों को खारिज किया. उनका कहना था कि कार्यक्रम में छात्राओं की स्वतःस्फूर्त भागीदारी और राहुल गांधी को मिले समर्थन से भाजपा असहज है. इसी वजह से कार्यक्रम को लेकर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं. पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला सशक्तीकरण को लेकर राजनीतिक नैरेटिव बनाने तक सीमित है. उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और बालिकाओं के खिलाफ अपराधों का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जमीनी स्तर पर प्रभावी कदम उठाने की मांग की.
* युवा भाजपा सरकार से नाराज
पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने दावा किया कि राज्य और केंद्र सरकार को लेकर युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है. उन्होंने नीट, टीईटी और एमपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे को इसका कारण बताया. उनका कहना था कि छात्राएं भी शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंतित हैं. हालांकि, ये राजनीतिक दावे हैं और इन पर भाजपा की ओर से अलग प्रतिक्रिया सामने आने पर तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी.
* 2029 की तैयारी पर बोलीं – ‘कांग्रेस राजनीतिक दल है’
क्या ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस 2029 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जेन-जी को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है? इस सवाल पर पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस एक राजनीतिक दल है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत हर चुनाव की तैयारी करती है. उन्होंने कहा कि यदि युवाओं से संवाद को चुनावी तैयारी का हिस्सा माना जाता है, तो इसमें कुछ असामान्य नहीं है. उनके मुताबिक, यदि युवा अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कांग्रेस को विकल्प के रूप में देखते हैं, तो यह लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा है.
* फुले दंपती की विचारभूमि से कार्यक्रम को जोड़ा
पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने पुणे को सावित्रीबाई फुले और महात्मा ज्योतिबा फुले की सामाजिक परिवर्तन की विचारभूमि बताते हुए कहा कि इसी धरती पर छात्राओं के शिक्षा, समानता, स्वतंत्रता और सुरक्षा से जुड़े सवालों को सामने लाना महत्वपूर्ण है. उनके अनुसार, फुले दंपती ने जिस दौर में महिलाओं की शिक्षा और सामाजिक समानता के लिए संघर्ष किया था, उसी वैचारिक पृष्ठभूमि में आज की छात्राओं की आवाज को मंच मिलना कार्यक्रम की विशेषता रही.
* मुख्यमंत्री फडणवीस पर भी साधा निशाना
कार्यक्रम पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से उठाए गए सवालों पर पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को मिली प्रतिक्रिया से मुख्यमंत्री असहज हैं और इसी कारण कार्यक्रम पर सवाल उठाए जा रहे हैं. उन्होंने भाजपा पर भी राजनीतिक आयोजनों और प्रचार को लेकर पलटवार किया. पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने यह भी कहा कि, राहुल गांधी के कार्यक्रम को मिली युवाओं की प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि युवा राजनीति में अपनी भूमिका और सवालों को लेकर अधिक मुखर हो रहे हैं.
* कांग्रेस संगठन कमजोर नहीं
कांग्रेस केवल राहुल गांधी के भरोसे आगे बढ़ रही है और संगठन कमजोर हो चुका है, इस धारणा को पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने खारिज किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की ताकत कांग्रेस के हजारों-लाखों कार्यकर्ता हैं और पार्टी का संगठन उसकी महत्वपूर्ण शक्ति है. ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद अब इस आयोजन का राजनीतिक असर कितना व्यापक होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा. फिलहाल कार्यक्रम ने छात्राओं के मुद्दों के साथ-साथ महाराष्ट्र की राजनीतिक बहस को भी नई दिशा दे दी है.

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