सूर्य, बुध, शुक्र और गुरु के महासंयोग में आ रहे गणराय

दोपहर में स्थापना का श्रेष्ठ मुहूर्त

* 14 सितंबर को चतुर्थी तिथि सबेरे 5 बजे से
अमरावती/दि.9 – प्रथम पूज्य भगवान गणेश की स्थापना भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को की जाती है. इस बार हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन होने से महत्व बढ गया है. पं. प्रकाश शर्मा के अनुसार इस बार तीज और चतुर्थी एक ही दिन होने से सूर्य, बुध, शुक्र और गुरु के विशेष स्थिती में होने के कारण महासंयोग बन रहा है. उन्होंने बताया कि, हरतालिका तीज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है. भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया रविवार 13 सितंबर को सबेरे 7 बजकर 7 मिनट से प्रारंभ हो रही है. जो 14 सितंबर को सबेरे 7 बजकर 5 मिनट पर पूर्ण होगी. उदय तिथि को ध्यान में रखते हुए इस बार हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर को ही रखा जाएगा. उसी दिन भगवान गणेश की स्थापना की जाएगी.
* दोपहर में स्थापना सर्वश्रेष्ठ
पं. प्रकाश शर्मा के अनुसार प्रथम पूज्य गणेश की स्थापना में किसी मुहूर्त का इंतजार नहीं होता. वे स्वयं ही विघ्नहर्ता है. भगवान श्री गणेश का जन्म दोपहर के समय माना जाता है, इसलिए उनकी स्थापना दोपहर के समय करना सर्वश्रेष्ठ है. प्रकाश शर्मा के अनुसार इस बार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को सूर्य, बुध, शुक्र और गुरु विशेष स्थिती में होने से महासंयोग बन रहा है. उन्होंने बताया कि, दोपहर के समय भगवान का प्राकट्य महोत्सव मनाया जाता है. इसलिए दोपहर 1 बजकर 35 मिनट से 4 बजकर 35 मिनट तक लाभ मुहूर्त एवं दोपहर 4 बजकर 35 मिनट से 6 बजकर 5 मिनट तक अमृत मुहूर्त रहेगा. इस समय भगवान गणेश की स्थापना करना श्रेष्ठ है.

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