दंगा हुआ तो शिंदे रहेंगे जिम्मेदार
अनशन के 12वें दिन जरांगे ने दी ललकार

* सरकार और आंदोलनकारियों में टकराव तेज
* सामंत-लाड बोले – सरकार 100 कदम आगे बढ़ी
* जरांगे से गतिरोध तोडकर आगे बढने की पूरजोर अपील
छ. संभाजीनगर /दि.9- मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटील का अंतरवाली सराटी में आमरण अनशन बुधवार को 12वें दिन भी जारी रहा. आंदोलन के बीच जरांगे और राज्य सरकार के बीच बयानबाजी और तीखी हो गई है. जरांगे ने सरकार पर मराठा आंदोलन को कमजोर करने तथा समाज में टकराव पैदा करने की साजिश का गंभीर आरोप लगाया है. वहीं, मंत्री उदय सामंत और भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने सरकार की ओर से मराठा समाज के लिए किए गए कार्यों और कुणबी प्रमाणपत्र वितरण के आंकड़े सामने रखते हुए जरांगे से आंदोलन स्थगित कर चर्चा का रास्ता अपनाने की अपील की है.
जरांगे ने अंतरवाली सराटी में मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि छत्रपति संभाजीनगर में बैठकर मराठा आंदोलन के खिलाफ दंगा भड़काने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने इसके लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री उदय सामंत और संजय शिरसाट को जिम्मेदार ठहराने का आरोप लगाया. जरांगे ने कहा कि यदि आंदोलन के दौरान मराठों के बीच संघर्ष या दंगा होता है तो इसकी जिम्मेदारी एकनाथ शिंदे की होगी.
* मराठों का कुछ नहीं बिगाड़ सकते
जरांगे ने कहा कि सरकार के सभी मंत्री और विधायक एकजुट हो जाएं, तब भी मराठा समाज का कुछ नहीं बिगाड़ सकते. उन्होंने दावा किया कि आंदोलन को दबाने के लिए राजनीतिक ताकत और समर्थकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने मराठा समाज से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि आरक्षण की मांग से पीछे हटने का सवाल ही नहीं है. साथ ही उन्होंने आंदोलनकारियों से आत्महत्या, रास्ता रोको और टायर जलाने जैसे कदम नहीं उठाने की अपील की. जरांगे ने कहा कि मराठा युवाओं को कोई भी टोक का कदम नहीं उठाना चाहिए और अपने परिवार के बारे में सोचना चाहिए.
* मराठों को मराठों के खिलाफ खड़ा किया जा रहा
जरांगे ने आरोप लगाया कि मराठा समाज के ही लोगों को आंदोलन के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश हो रही है. उनके अनुसार, कुणबी प्रमाणपत्रों से संबंधित कार्रवाई और कुछ प्रमाणपत्र रद्द किए जाने के मुद्दे को लेकर समाज में असंतोष है. उन्होंने कहा कि यदि मराठों को ही मराठों के खिलाफ खड़ा किया गया तो राजनीतिक नुकसान सरकार और संबंधित नेताओं को उठाना पड़ेगा. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी भाषा आगे और तीखी हो सकती है.
* मंत्री शंभुराज देसाई ने जताई नाराजगी
जरांगे की डेप्यूटी सीएम एकनाथ शिंदे को लेकर की जा रही व्यक्तिगत और एकेरी भाषा पर मंत्री शंभुराज देसाई ने आपत्ति जताई. देसाई ने कहा कि शिंदे के बारे में इस तरह की भाषा मराठा समाज के कई युवाओं को भी पसंद नहीं आ रही है. उन्होंने जरांगे से शिंदे पर व्यक्तिगत टिप्पणी बंद करने की अपील की. देसाई ने कहा कि वह जरांगे का सम्मान करते हैं और उन्हें ‘दादा’ कहकर संबोधित करते हैं, लेकिन आंदोलन को राजनीतिक संघर्ष का रूप देना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार आज भी चर्चा के लिए तैयार है और जरांगे के प्रतिनिधि अथवा विशेषज्ञ मंत्रिमंडलीय उपसमिति के सामने आकर चर्चा कर सकते हैं.
* सामंत का दावा – ‘सरकार 100 कदम आगे आई’
उद्योग मंत्री उदय सामंत और विधायक प्रसाद लाड ने छत्रपति संभाजीनगर में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकार परिषद लेकर सरकार का पक्ष रखा. सामंत ने कहा कि मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सरकार एक-दो नहीं, बल्कि 100 कदम आगे बढ़ चुकी है. अब गतिरोध तोड़ने की जिम्मेदारी जरांगे की है. सामंत के मुताबिक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश पर संभाजीनगर में विभागीय अधिकारियों, एसडीओ, जात पडतालणी समितियों के अधिकारियों और मराठा आरक्षण के विशेषज्ञों के साथ बैठक की गई. इसमें कुणबी प्रमाणपत्रों की स्थिति, जात वैधता प्रमाणपत्रों की अड़चनें तथा हैदराबाद गजेटियर लागू करने से जुड़ी कानूनी और प्रशासनिक समस्याओं पर चर्चा हुई.
* 3.16 लाख कुणबी प्रमाणपत्र जारी – सरकार
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मराठवाड़ा के आठ जिलों में कुणबी प्रमाणपत्र के लिए 3 लाख 16 हजार 569 आवेदन प्राप्त हुए. इनमें से 3 लाख 16 हजार 77 प्रमाणपत्र वितरित किए जा चुके हैं. नियमों में पात्र नहीं पाए गए 548 आवेदन खारिज हुए हैं, जबकि 44 आवेदन लंबित बताए गए हैं. इसके अलावा एसईबीसी यानी 10 प्रतिशत मराठा आरक्षण के तहत भी 2 लाख 95 हजार 305 प्रमाणपत्र वितरित किए जाने की जानकारी सामंत ने दी. जात वैधता प्रमाणपत्रों के संबंध में उन्होंने बताया कि मराठवाड़ा में 21,051 आवेदन प्राप्त हुए. इनमें से 16,110 मामलों में वैधता प्रमाणपत्र दिए जा चुके हैं. 64 आवेदन अवैध पाए गए, जबकि 2,034 मामले लंबित बताए गए हैं. सरकार का कहना है कि लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए हैं. सामंत ने कहा कि, वंशावली सिद्ध नहीं होने अथवा आवश्यक राजस्व एवं शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण कुछ आवेदन खारिज हुए हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मराठा समाज के लिए की जा रही प्रक्रिया से ओबीसी आरक्षण को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा.
* 10 से 17 सितंबर तक विशेष शिविर
भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने बताया कि 7 सितंबर से ग्राम स्तर पर कुणबी नोंद और प्रमाणपत्र प्रक्रिया के संबंध में जनजागरण शुरू किया गया है. 10 से 17 सितंबर के बीच विशेष प्रमाणपत्र वितरण शिविर आयोजित किए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी. उन्होंने कहा कि सरकार मराठा समाज की मांगों पर लगातार काम कर रही है और संबंधित दस्तावेजों एवं रिकॉर्ड को लेकर भी प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. सरकार ने आंदोलन स्थगित कर सहयोग करने की अपील की है.
* 60 से 90 दिन का समय देने का प्रस्ताव
उदय सामंत ने कहा कि यदि जरांगे पाटील सरकार को लंबित कानूनी और प्रशासनिक मुद्दे सुलझाने के लिए 60 से 90 दिनों का समय देते हैं और अपना अनशन स्थगित करते हैं, तो सरकार उनके पास चर्चा के लिए जाने को तैयार है. उन्होंने कहा कि सरकार के साथ संवाद के दरवाजे बंद नहीं हुए हैं. जरांगे के प्रतिनिधि, विशेषज्ञ अथवा अध्ययन मंडल को मंत्रिमंडलीय उपसमिति के समक्ष भेजा जा सकता है. सरकार की ओर से अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है.
* कल फिर महत्वपूर्ण बैठक
सामंत के अनुसार मराठा आरक्षण और जात प्रमाणपत्रों से जुड़ी समस्याओं पर गुरुवार सुबह 10 बजे स्मार्ट सिटी कार्यालय में एक और महत्वपूर्ण बैठक होगी. इसमें मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ऑनलाइन या प्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे. सभी एसडीओ, जात पडतालणी अधिकारी और मराठा आरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों को भी बैठक में बुलाया गया है. हैदराबाद गजेटियर लागू करने में आ रही तकनीकी और कानूनी अड़चनों तथा प्रमाणपत्र जारी करने में सामने आने वाली समस्याओं पर बैठक में चर्चा कर समाधान तलाशने की बात कही गई है.
* उपोषण के बजाय चर्चा करें
सामंत ने कहा कि मराठवाड़ा में इस समय बारिश की कमी और सूखे जैसी स्थिति है तथा गणेशोत्सव का दौर भी चल रहा है. ऐसे समय सामाजिक सौहार्द बनाए रखना जरूरी है. उन्होंने जरांगे से अनशन स्थगित कर सरकार के साथ बातचीत करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार संयम से काम कर रही है और आंदोलनकारियों को भी संयम रखना चाहिए. सामंत ने जरांगे के इस आरोप को खारिज किया कि सरकार दंगा करवाना चाहती है. उन्होंने कहा कि दंगा करवाना सरकार के शब्दकोश में नहीं है और सरकार ऐसी स्थिति पैदा करने का कोई काम नहीं करेगी.
* देसाई बोले – सरकार ने अपना वादा निभाया
शंभुराज देसाई ने दावा किया कि मराठा आंदोलन के दौरान सरकार ने जो आश्वासन दिए थे, उन्हें पूरा करने की दिशा में लगातार कार्रवाई हुई है. उनके अनुसार कुणबी रिकॉर्ड खोजने के लिए पुराने दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराकर न्यायमूर्ति संदीप शिंदे समिति को दी गईं और इसके बाद रिकॉर्ड खोजने की प्रक्रिया आगे बढ़ी. उन्होंने यह भी बताया कि आंदोलन के बाद करीब साढ़े तीन से पौने चार लाख लोगों ने कुणबी प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं. इसके अलावा अण्णासाहेब पाटील आर्थिक विकास महामंडल के बजट में भी उल्लेखनीय वृद्धि किए जाने का दावा उन्होंने किया.
* आत्महत्या न करने की अपील
मराठा आरक्षण को लेकर लातूर में एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना पर उदय सामंत ने दुख जताया. उन्होंने मराठा युवाओं से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर समाधान निकालने का प्रयास कर रही है, इसलिए कोई भी युवा आत्महत्या जैसा कदम न उठाए.
* 12 सितंबर की बैठक पर नजर
इस बीच जरांगे पाटील ने 12 सितंबर को अंतरवाली सराटी में राज्यव्यापी मराठा बैठक बुलाने की घोषणा की है. इस बैठक में आंदोलन की आगामी दिशा और मुंबई जाने की संभावित तारीख पर निर्णय होने की बात कही जा रही है. ऐसे में सरकार की ओर से चर्चा और समय देने का प्रस्ताव तथा जरांगे की ओर से आंदोलन जारी रखने की भूमिका के बीच अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. अंतरवाली में प्रशासन ने भी कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाई है. आंदोलन की पृष्ठभूमि में 9 और 10 सितंबर को गोंदी पुलिस थाना क्षेत्र में शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है. जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने महाराष्ट्र दारूबंदी अधिनियम की धारा 142(1) के तहत यह आदेश जारी किया है. प्रशासन ने इसे किसी अप्रिय घटना अथवा दंगा जैसी स्थिति को रोकने के लिए एहतियाती कदम बताया है.





