ड्रिप सिंचाई के लिए खरीद से पहले ही मिलेगी सब्सिडी
अब और इंतजार की जरूरत नहीं

* पोखरा फेज-2 में किसानों को बड़ी राहत
* डिजिटल टोकन के जरिए सीधे विक्रेता को पहुंचेगी अनुदान राशि
अमरावती/दि.15– सूखे और अनियमित बारिश की स्थिति से जूझ रहे किसानों के लिए कृषि विभाग ने राहत देने वाला फैसला लिया है. नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना (पोखरा) के दूसरे चरण के तहत चयनित गांवों के पात्र किसानों को अब ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई किट खरीदने से पहले ही अनुदान की राशि उपलब्ध कराई जाएगी. इससे किसानों को पहले अपनी जेब से पूरी रकम खर्च करने और बाद में सब्सिडी मिलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
* माइक्रो सिंचाई को प्राथमिकता
पोखरा फेज-2 का काम शुरू हो गया है. इस चरण में माइक्रो इरिगेशन को प्राथमिकता दी जा रही है. पात्र किसानों को नियमों के अनुसार ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली पर 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है.
* पहले पूरी रकम खर्च करनी पड़ती थी
अब तक किसानों को सिंचाई किट खरीदते समय पहले पूरी राशि का भुगतान करना पड़ता था. इसके बाद अनुदान की रकम उनके बैंक खाते में जमा होती थी. इस व्यवस्था में किसानों के सामने शुरुआत में बड़ी रकम जुटाने की समस्या रहती थी. अब इस परेशानी को दूर करने के लिए अनुदान की राशि खरीद से पहले डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी.
* डिजिटल टोकन सीधे मोबाइल वॉलेट में
चयनित किसान के लिए अनुदान राशि का डिजिटल टोकन तैयार कर उसे संबंधित ऐप के डिजिटल वॉलेट में जमा किया जाएगा. किसान इस डिजिटल टोकन को सीधे सिंचाई किट के अधिकृत विक्रेता को हस्तांतरित कर सकेगा. इसके बाद किसान को केवल अपने हिस्से की शेष राशि का भुगतान करना होगा.
* सूखे की स्थिति में किसानों को फायदा
बारिश पर निर्भर किसानों के लिए यह व्यवस्था काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. आर्थिक दिक्कत के कारण जो किसान समय पर ड्रिप या स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं लगा पाते थे, उन्हें अब शुरुआती लागत का पूरा बोझ नहीं उठाना पड़ेगा. इससे फसलों को समय पर सिंचाई उपलब्ध कराने और पानी की बचत करने में भी मदद मिलेगी.
* कैसे करें आवेदन?
पात्र किसानों को ऊइढ पोर्टल के माध्यम से ड्रिप या स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा. चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र किसान को डिजिटल टोकन के माध्यम से अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा.
* किसान को सिर्फ अपना हिस्सा देना होगा
अनुदान की राशि डिजिटल टोकन के रूप में सीधे विक्रेता को उपलब्ध होने के कारण किसान को पूरी किट की कीमत पहले से जमा नहीं करनी होगी. उसे केवल अनुदान के बाद बची हुई अपनी हिस्सेदारी का भुगतान कर सिंचाई किट खरीदनी होगी. जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी राहुल सतपुते ने बताया कि किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर किट खरीदते समय शुरुआती पूंजी की समस्या न हो, इसी उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है. पात्र किसानों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई है.





