मेरे प्रभाग में कर्नल राहल रोक रहे कोणार्क के सफाई कर्मियों को

दो दिनों से प्रभाग क्रमांक 13 में साफसफाई का काम ठप, हर तरफ लगा कचरे का अंबार

* प्रभाग क्र. 13 अंबापेठ-गौरक्षण के पार्षद रतन पहलवान डेंडूले का सनसनीखेज आरोप
अमरावती /दि.21- गणेशोत्सव और महालक्ष्मी पर्व के बीच प्रभाग क्रमांक 13 अंबापेठ-गौरक्षण में सफाई व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. प्रभाग के पार्षद रतन पहलवान डेंडूले ने कर्नलसिंह राहल पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि वे कोणार्क कंपनी के सुपरवाइजर और सफाई कर्मचारियों को काम करने से रोक रहे हैं तथा कर्मचारियों को भड़का रहे हैं. पार्षद डेंडूले के अनुसार, पिछले दो दिनों से सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण प्रभाग के विभिन्न हिस्सों में कचरे के ढेर लग गए हैं.
इस संदर्भ में दैनिक अमरावती मंडल से विशेष तौर पर बातचित करते हुए पार्षद रतन पहलवान डेंडूले ने कहा कि, त्योहारों के दौरान सफाई व्यवस्था पहले से अधिक जरूरी होने के बावजूद काम प्रभावित होने से नागरिकों की परेशानी बढ़ गई है. गणेशोत्सव और महालक्ष्मी के अवसर पर प्रभाग के कई स्थानों पर महाप्रसाद के आयोजन हो रहे हैं. इसके चलते इस्तेमाल की गई पत्तलें, डिस्पोजेबल ग्लास और अन्य कचरा बड़ी मात्रा में जमा हो रहा है. नियमित कचरा संकलन और सफाई नहीं होने से यह कचरा सार्वजनिक स्थानों पर पड़ा दिखाई दे रहा है.
पार्षद डेंडूले के मुताबिक, कर्नल राहल रोज सुबह श्याम चौक के पास खड़े होकर कोणार्क कंपनी के सफाई कर्मचारियों को काम पर जाने से रोकते हैं. उनका आरोप है कि कर्मचारियों को काम बंद रखने के लिए भड़काया भी जा रहा है. इसके कारण प्रभाग में नियमित सफाई प्रभावित हुई है. पार्षद डेंडूले ने कहा कि कोणार्क कंपनी अपने कर्मचारियों को नियमित वेतन का भुगतान कर रही है तथा उनके पीएफ की राशि भी जमा कराए जाने की जानकारी है. इसके बावजूद कर्मचारियों के वेतन और पीएफ का मुद्दा उठाकर सफाई का काम रुकवाया जाना समझ से परे है.
प्रभाग में लगातार बढती गंदगी व कचरे की समस्या को लेकर पार्षद रतन डेंडूले ने कहा कि, गणेशोत्सव और महालक्ष्मी जैसे पर्वों के दौरान स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई नागरिकों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है. महाप्रसाद के आयोजनों के कारण सामान्य दिनों की तुलना में कचरे की मात्रा बढ़ गई है. ऐसे में सफाई व्यवस्था दो दिनों तक प्रभावित रहने से समस्या और गंभीर हो गई है. उनका कहना है कि यह केवल सफाई कर्मचारियों के काम का मामला नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर प्रभाग के नागरिकों के स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण पर पड़ रहा है.
पार्षद रतन डेंडूले ने आरोप लगाया कि कोणार्क कंपनी ने पूर्व में कर्नल राहल के कुछ वाहन कचरा संकलन के लिए किराये पर लगाए थे. इन वाहनों का किराया बकाया रहने के कारण कथित तौर पर नाराजगी पैदा हुई और इसी वजह से राहल ने कंपनी के कर्मचारियों को भड़काना शुरू किया. उपरोक्त आरोप लगाने के साथ ही पार्षद रतन डेंडूले ने मनपा प्रशासन से मांग की है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए, सफाई कर्मचारियों को काम करने से रोकने की कथित कोशिश पर रोक लगाई जाए तथा प्रभाग क्रमांक 13 में तत्काल सफाई व्यवस्था बहाल की जाए. पार्षद डेंडूले का कहना है कि किसी भी विवाद का समाधान संबंधित स्तर पर किया जा सकता है, लेकिन उसका खामियाजा पूरे प्रभाग के नागरिकों को भुगतना नहीं चाहिए. त्योहारों के बीच सफाई व्यवस्था सुचारु रखना मनपा की प्राथमिक जिम्मेदारी है.


बेबुनियाद है आरोप, मेरा इससे कोई वास्ता नहीं
पार्षद रतन पहलवान डेंडूले के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नलसिंह राहल ने सभी आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि आरोपों में किसी प्रकार का तथ्य नहीं है और उनका सफाई व्यवस्था बंद होने के मामले से कोई लेना-देना नहीं है. राहल ने बताया कि शुरुआती दौर में उन्होंने कोणार्क कंपनी को कचरा संकलन के लिए कुछ वाहन किराये पर दिए थे. कंपनी द्वारा वाहनों का उचित रखरखाव नहीं किए जाने के कारण उन्होंने अधिकांश वाहन वापस लेने का फैसला किया. हालांकि, उनके करीब 10 वाहन अब भी बंद अवस्था में कंपनी के कब्जे में हैं. किराये और दुरुस्ती का हिसाब-किताब होने के बाद वे वाहन वापस लेने की बात उन्होंने कही.
कर्नल राहल ने यह भी दावा किया कि फिलहाल केवल प्रभाग क्रमांक 13 में ही सफाई प्रभावित नहीं है, बल्कि जोन क्रमांक 1, 2 और 5 के अंतर्गत आने वाले करीब 12 से 15 प्रभागों में सफाई का काम ठप है. उनके अनुसार, इनमें से अधिकांश प्रभागों में कोणार्क कंपनी के ही वाहन कचरा संकलन के लिए लगे हैं. ऐसे में प्रभाग 13 की सफाई बंद कराने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना पूरी तरह बेबुनियाद है. राहल ने यह भी आरोप लगाया कि डेंडूले संभवतः व्यक्तिगत खुन्नस के चलते इस तरह के आरोप लगा रहे हैं.                                      एक ही गुट के, फिर भी आमने-सामने
यहां यह विशेष उल्लेखनिय है कि, रतन पहलवान डेंडूले और कर्नलसिंह राहल दोनों अजित पवार गुट की राकांपा से जुड़े हैं और दोनों को विधायक सुलभा खोडके तथा विधान परिषद सदस्य संजय खोडके के समर्थक के रूप में देखा जाता है. ऐसे में एक ही राजनीतिक गुट से जुड़े दोनों स्थानीय नेताओं के बीच सफाई जैसे नागरिक मुद्दे को लेकर खुला आरोप-प्रत्यारोप चर्चा का विषय बन गया है. अब निगाह मनपा प्रशासन पर है कि वह इस विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करते हुए प्रभाग क्रमांक 13 में सफाई व्यवस्था कब तक बहाल करता है. साथ ही अब यह देखना भी दिलचस्प होगा कि, एक ही नेता के समर्थक रहनेवाले और एक ही राजनीतिक पार्टी से वास्ता रखनेवाले पार्षद रतन पहलवान डेंडूले व कर्नलसिंह राहल के बीच शुरू हुई यह अदावत कहां जाकर रूकती है.

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