नासिक के गोदाघाट पर अघोरी स्नान
महिला की आंखों में नींबू का रस डाला

लाखों रुपये की ठगी, मामला दर्ज
धुले /दि 30 – अंधविश्वास निर्मूलन कानून बनाने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है. हालांकि, अशोक खरात मामले के बावजूद नागरिकों ने इससे कोई सबक नहीं लिया है. आज भी तांत्रिकों और मांत्रिकों पर विश्वास करके या उनके अघोरी कर्मकांडों का शिकार होकर लोगों के साथ ठगी की जा रही है.
बीमारी और पारिवारिक परेशानियां दूर करने का लालच देकर धुले के एक गरीब मजदूर परिवार से नासिक में अघोरी पूजा और जादू-टोने के नाम पर 1 लाख 60 हजार रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है. महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की मध्यस्थता के बाद इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया. नासिक के प्रसिद्ध गोदाघाट पर धुले की एक पीड़ित महिला को अघोरी स्नान करवाया गया और उसकी आंखों में नींबू का रस निचोड़े जाने की जानकारी सामने आई है.
ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित महिला ने महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से संपर्क किया. समिति के कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार को हिम्मत दी और पुलिस के पास जाने की सलाह दी. इसके बाद 27 सितंबर 2026 को धुले शहर पुलिस थाने में अघोरी प्रथाओं और जादू-टोना विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, धुले पुलिस ने जांच शुरू करते हुए नासिक से मांत्रिक महिला सरिता जाधव और उसके साथियों को हिरासत में लिया है. आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है.
* 21 वर्षीय युवती को बीमारी के नाम पर 40 दिन मायके में रखा
शिकायत के अनुसार, मांत्रिक महिला ने पीड़ित परिवार की 21 वर्षीय बेटी को गंभीर बीमारी से प्रभावित होने की बात बताई और उसे धुले स्थित उसके मायके में करीब 40 दिनों तक रखने के लिए मजबूर किया. बताया गया है कि युवती ने अपनी मां के डर से यह बात छिपाकर रखी. उसे कहा गया कि ऐसा करने से संकट टल जाएगा, जिसके बाद उसे परिवार से दूर रखा गया. इसके बाद 24 जुलाई 2026 को मांत्रिक महिला ने युवती की कथित तौर पर जबरन सगाई करवा दी. इसके बाद संदिग्धों ने पीड़ित परिवार से संपर्क तोड़ लिया. इसी दौरान मांत्रिक महिला पीड़ित महिला को नासिक के गोदाघाट पर ले गई, जहां उसका अघोरी स्नान करवाया गया. शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसके शरीर से उतारे गए नींबू का रस सीधे उसकी आंखों में निचोड़ा गया.