किसानों की फसलों को पानी मिलना ही चाहिए

गुरुकुंज उपसा सिंचाई योजना का आरक्षित पानी तत्काल छोड़ने की मांग

5 अक्टूबर को कालवे में बैठकर आंदोलन की चेतावनी
तिवसा/दि.2 – तिवसा तहसील में गंभीर सूखे जैसी स्थिति के चलते कपास और तुअर की फसलें संकट में हैं. फसलों को तत्काल सिंचाई की आवश्यकता को देखते हुए किसानों ने गुरुकुंज उपसा सिंचाई योजना का आरक्षित पानी तुरंत छोड़ने की मांग की है.
इसी मांग को लेकर आज संबंधित उपसा सिंचाई संस्था के अध्यक्षों ने अमरावती सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता श्री मेतकर से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में कहा गया कि कपास और तुअर की फसलों को इस समय पानी की सख्त जरूरत है. यदि समय पर सिंचाई उपलब्ध नहीं हुई तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. किसानों ने जलसंपदा विभाग से मांग की है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर गुरुकुंज उपसा सिंचाई योजना का आरक्षित पानी छोड़ने का निर्णय लिया जाए, ताकि तिवसा तहसील के किसानों को तत्काल राहत मिल सके.
* 5 अक्टूबर को कालवे में बैठकर आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जलसंपदा विभाग ने निर्धारित समय में पानी छोड़ने का निर्णय नहीं लिया, तो मंगलवार, 5 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे तिवसा-मोजरी मार्ग स्थित वर्धा-अप्पर नहर में बैठकर आंदोलन किया जाएगा. किसानों का कहना है कि बारिश की कमी के कारण पहले ही फसलें संकट में हैं. ऐसे में सिंचाई के लिए उपलब्ध आरक्षित पानी समय पर नहीं छोड़ा गया तो किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. इसलिए प्रशासन को तत्काल निर्णय लेकर कपास और तुअर उत्पादकों को राहत देने की मांग की गई है.

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