76 कचरा परिवहन वाहन जब्त, तीन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज
कोणार्क इंफ्रास्ट्रक्चर के मैनेजर की शिकायत

2.75 करोड़ रुपए से अधिक के लेन-देन का विवाद
अमरावती /दि.3– शहर में ठोस कचरा प्रबंधन एवं परिवहन का काम करने वाली कोणार्क इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के साथ 2 करोड़ 75 लाख 80 हजार 300 रुपए की कथित धोखाधड़ी के मामले में सिटी पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
कोणार्क इंफ्रास्ट्रक्चर के स्थानीय मैनेजर आदित्य सुरवाडे ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर 2 अक्टूबर की शाम कर्नल सिंह राहल, राजेश गुप्ता और मनोज साबू, सभी निवासी अमरावती, के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया.
* 76 वाहनों की खरीदी का था समझौता
शिकायत के मुताबिक शहर में कचरा प्रबंधन एवं परिवहन के लिए आवश्यक वाहनों की खरीदी के लिए कर्नल सिंह राहल ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी. उनके माध्यम से कोणार्क इंफ्रास्ट्रक्चर की श्री नागरिक सेवा सहकारी संस्था और तुलजाई ट्रांसपोर्ट के साथ कुल 76 वाहनों की बिक्री को लेकर मौखिक समझौता हुआ था. इस सौदे के तहत कोणार्क कंपनी ने तुलजाई ट्रांसपोर्ट को 16 वाहनों के बदले 53 लाख 80 हजार 300 रुपए तथा श्री नागरिक सेवा सहकारी संस्था को 60 वाहनों के बदले 2 करोड़ 22 लाख रुपए का भुगतान विभिन्न चरणों में ऑनलाइन और चेक के माध्यम से किया था. कंपनी के अनुसार, 60 में से 47 वाहनों के टैक्स इनवॉइस भी उसे प्राप्त हो चुके थे.
* विवाद के बाद वाहन ले जाने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 19 सितंबर को लेन-देन को लेकर विवाद होने के बाद आरोपियों ने कोणार्क कंपनी के कब्जे में मौजूद 76 वाहनों पर कब्जा कर लिया. इनमें से 66 वाहन बिना पूर्व सूचना के वहां से ले जाए गए. कंपनी की ओर से समझौते और वाहनों के संबंध में बार-बार बातचीत करने का प्रयास किया गया, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने कथित तौर पर समझौते से पीछे हटते हुए टालमटोल की. मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए और उपलब्ध जानकारी की जांच करने के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. पुलिस मामले में लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों और वाहनों की स्थिति की जांच कर रही है. थानेदार रोशन सिरसाट के मुताबिक शिकायत की जांच के बाद अपराध दर्ज किया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है.





