सीधी मदद के स्थान पर पंचनामा क्यों?

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताई वजह

* बोले – केंद्र की सहायता के लिए सटीक नुकसान आकलन जरूरी
* सूखा प्रभावित किसानों से कर्जवसूली न करने के बैंकों को निर्देश
मुंबई/दि.2- महाराष्ट्र के 265 तहसीलों में सूखा घोषित किए जाने के बाद राज्य सरकार ने किसानों को तत्काल राहत देने की प्रक्रिया तेज कर दी है. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सूखा प्रभावित किसानों पर बैंकों और पतसंस्थाओं को कर्जवसूली का दबाव नहीं डालना चाहिए. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को मिलने वाली राहत के लिए फसल नुकसान का सटीक पंचनामा जरूरी है. केंद्र से मिलने वाली सहायता के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप नुकसान का आकलन और दस्तावेजीकरण आवश्यक है.
* केंद्र की सहायता के लिए सटीक पंचनामा जरूरी
नुकसान व्यापक है तो प्रत्येक खेत का पंचनामा क्यों? इस सवाल पर मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि राज्य सरकार अपने स्तर पर सहायता देगी, लेकिन राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि के मानकों के तहत केंद्र से मिलने वाली सहायता भी महत्वपूर्ण है. इसके लिए नुकसान का प्रमाणित और सटीक रिकॉर्ड आवश्यक होता है. उन्होंने राजस्व, कृषि और ग्राम विकास विभाग के अधिकारियों को खेतों पर जाकर पंचनामा करने के निर्देश दिए हैं. सरकार ने 265 सूखा प्रभावित तहसीलों में फसल नुकसान का तथ्यात्मक आकलन करने की प्रक्रिया शुरू की है. पंचनामा करते समय किसान की स्वीकृति और वास्तविक स्थिति दर्ज करने पर भी जोर दिया गया है.
* दिवाली से पहले राहत पहुंचाने का प्रयास
मंत्री बावनकुले ने कहा कि पंचनामा प्रक्रिया जल्द पूरी कर किसानों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. हालिया सरकारी गतिविधियों में भी अधिकारियों को सटीक और समयबद्ध पंचनामा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रभावित किसानों को राहत देने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके. उन्होंने कहा कि सूखे से निपटने के लिए केवल आर्थिक सहायता पर्याप्त नहीं है. ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था और आवश्यकता पड़ने पर चारा शिविरों की योजना बनाना भी जरूरी है. आने वाले समय की पानी की कमी को देखते हुए जलसंधारण और जलस्रोतों को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है.
* बैंकों को कर्जवसूली रोकने के निर्देश
सूखा प्रभावित किसानों से कर्जवसूली के मुद्दे पर मंत्री बावनकुले ने बैंकों और पतसंस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे वसूली के लिए किसानों के घर न जाएं. सरकार ने इस संबंध में प्रशासन को भी निगरानी के निर्देश दिए हैं. 265 तहसीलों में फसल कर्ज के पुनर्गठन और कर्जवसूली में राहत की प्रक्रिया भी शुरू की गई है. उन्होंने अवैध साहूकारों को भी चेतावनी दी कि सूखे की स्थिति का फायदा उठाकर किसानों का शोषण करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
* वंचित तहसीलों का भी होगा पुनर्सर्वेक्षण
सरकार के अनुसार, फिलहाल 265 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है. जिन तहसीलों को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है, वहां स्थिति की दोबारा समीक्षा की जा रही है. आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित तहसीलों की संख्या बढ़ाई जा सकती है.

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