अपर वर्धा बांध का पानी रतन इंडिया को देने का विरोध

सिंचाई और पेयजल के लिए पानी सुरक्षित रखने की क्रांतिकारी किसान संगठन की मांग

जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
अमरावती/दि.3 – मोर्शी तहसील के सिंभोरा स्थित अपर वर्धा बांध में उपलब्ध पानी को रतन इंडिया पावर प्लांट को देने के बजाय किसानों की सिंचाई और अमरावती जिले की भविष्य की पेयजल जरूरतों के लिए सुरक्षित रखने की मांग उठाई गई है. इस संबंध में क्रांतिकारी किसान संगठन की ओर से जल संसाधन विभाग के अधीक्षक अभियंता को ज्ञापन सौंपकर तत्काल निर्णय लेने की मांग की गई है.
संगठन के जिला अध्यक्ष स्वप्निल भगवानराव भुयार ने ज्ञापन में कहा है कि अपर वर्धा बांध अमरावती जिले के लिए पानी का महत्वपूर्ण स्रोत है. जिले की खेती, सिंचाई और बड़ी आबादी की पेयजल जरूरतें इस बांध के पानी पर निर्भर हैं. ऐसे में बांध में उपलब्ध पानी का इस्तेमाल प्राथमिकता के आधार पर करना जरूरी है.
* रतन इंडिया को पानी देना तत्काल रोकने की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में बांध में पानी का भंडारण अपेक्षा के अनुसार नहीं है और आगामी गर्मी का मौसम अभी बाकी है. बारिश की अनिश्चितता को देखते हुए बांध में मौजूद पानी की प्रत्येक बूंद का नियोजन सावधानीपूर्वक किया जाना आवश्यक है. संगठन ने मांग की है कि रतन इंडिया पावर प्लांट के लिए छोड़ा जा रहा पानी तत्काल रोका जाए और इसे किसानों की सिंचाई तथा नागरिकों की पेयजल जरूरतों के लिए सुरक्षित रखा जाए. संगठन का कहना है कि औद्योगिक उपयोग के लिए पानी उपलब्ध कराने से पहले स्थानीय नागरिकों, किसानों और भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
* पानी के आवंटन की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग
ज्ञापन में बांध के मौजूदा जल भंडारण, विभिन्न उपयोगों के लिए मंजूर पानी के आवंटन और वास्तव में कितनी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है, इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है. साथ ही किसानों की जरूरत के अनुसार सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी का नियोजन करने पर भी जोर दिया गया है. संगठन ने आगामी गर्मी में संभावित जलसंकट को ध्यान में रखते हुए बांध में पानी के दीर्घकालीन नियोजन की मांग की है. इसके अलावा जल संसाधन और राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारियों की तत्काल बैठक बुलाकर इस संबंध में उचित निर्णय लेने की मांग की गई है.
* आंदोलन की चेतावनी
क्रांतिकारी किसान संगठन ने कहा है कि किसानों और नागरिकों के पेयजल अधिकारों को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को तत्काल निर्णय लेना चाहिए. मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होने पर किसानों और नागरिकों के हित में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने की चेतावनी भी ज्ञापन के माध्यम से दी गई है. ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई है. इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारी नंदकिशोर बोरे, संजय भास्कर, कुंदन काले, प्रशीत शिस्काने, रवींद्र बुर्चे, दिनेश अमले, दिलीप बंसोड़, प्रवीण वाघमारे, मंदीप निर्माण और जालम नवघोटे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

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