भाजपा से उम्मीदवारी नहीं मिली तो मैदान में निर्दलीय उतरे शेखर भोयर

शिक्षक महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष ने दाखिल किए दो नामांकन पत्र

कहा – शिक्षकों के मुद्दों पर लड़ूंगा चुनाव, संघर्ष जारी रहेगा
अमरावती/दि.5 – अमरावती संभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं. शिक्षक महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष तथा राज्य पुरानी पेंशन संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रशेखर उर्फ शेखर भोयर ने मंगलवार को निर्वाचन अधिकारी के समक्ष नामांकन पत्रों के दो सेट दाखिल कर अपनी दावेदारी प्रस्तुत की. नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में बने रहेंगे.
नामांकन प्रस्तुत करने के उपरांत मीडिया से बातचीत में शेखर भोयर ने कहा कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी की ओर से उम्मीदवार बनाए जाने का आश्वासन दिया गया था. हालांकि महायुति में सीट बंटवारे के तहत अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शिवसेना (शिंदे गुट) के खाते में चला गया और पार्टी ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया. ऐसे में भाजपा के लिए पूर्व में दिया गया आश्वासन निभाना कठिन हो गया है. इसी कारण उन्होंने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है.
* शिक्षक का प्रतिनिधित्व शिक्षक ही करे
इस समय शेखर भोयर ने कहा कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का मूल उद्देश्य शिक्षकों की समस्याओं को विधान परिषद में प्रभावी ढंग से उठाना है. इसलिए इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व ऐसे व्यक्ति के हाथ में होना चाहिए, जो स्वयं शिक्षक समाज से जुड़ा हो और उसकी समस्याओं को निकट से समझता हो. उन्होंने कहा कि उनका पूरा चुनाव शिक्षकों के अधिकारों, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, शैक्षणिक संस्थाओं की समस्याओं तथा शिक्षा क्षेत्र में आवश्यक सुधारों के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा. उनका दावा है कि पिछले कई वर्षों से वे शिक्षकों के विभिन्न प्रश्नों को शासन स्तर पर उठाते रहे हैं और इसी कार्य के आधार पर मतदाताओं के बीच जा रहे हैं.
* सत्ता के समर्थन के बावजूद मुकाबला आसान नहीं
मौजूदा शिक्षक विधायक एवं शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार किरण सरनाईक पर निशाना साधते हुए शेखर भोयर ने आरोप लगाया कि पिछले कार्यकाल में शिक्षकों की अपेक्षाओं के अनुरूप काम नहीं हुआ. उन्होंने दावा किया कि इस बार शिक्षक मतदाता पहले की तुलना में अधिक जागरूक हैं और मुद्दों के आधार पर मतदान करेंगे. उन्होंने कहा कि यदि उन्हें अवसर मिला तो वे पुरानी पेंशन योजना, अनुदान, सेवा शर्तों तथा शिक्षकों से जुड़े अन्य लंबित प्रश्नों को प्राथमिकता से उठाएंगे. साथ ही शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव लाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.
नामांकन दाखिल करते समय भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष आरती वानखड़े, शिक्षक महासंघ, राज्य पुरानी पेंशन संगठन तथा विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी और समर्थक बड़ी संख्या में उपस्थित थे.

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