पुरानी पेंशन और अनुदान के मुद्दे हल होने तक मानधन नहीं लूंगा

शिक्षक विधायक पद के प्रत्याशी प्रा. दत्तात्रय लहाने का ऐलान

* प्रा. बी. टी. देशमुख की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प
* उबाठा सांसद अरविंद सावंत की मौजुदगी में पेश की दावेदारी
अमरावती/दि.5- अमरावती संभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट के प्रत्याशी प्रा. दत्तात्रय श्रीराम लहाने ने शिक्षकों की प्रलंबित मांगों को चुनाव का प्रमुख मुद्दा बनाने का संकेत दिया है. नामांकन दाखिल करने से पहले आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान और वर्षों से लंबित मांगों को पूरा कराने के उद्देश्य से ही वे चुनाव मैदान में उतरे हैं. उन्होंने घोषणा की कि शिक्षक विधायक निर्वाचित होने के बाद जब तक पुरानी पेंशन योजना और वर्षों से लंबित अनुदान का मुद्दा पूरी तरह हल नहीं हो जाता, तब तक वे विधायक के रूप में मिलने वाला मानधन अथवा भत्ता स्वीकार नहीं करेंगे.
शिवसेना उबाठा ने अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए प्रा. दत्तात्रय लहाने को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है और 5 अक्तूबर को उनके नामांकन की जानकारी पहले ही पार्टी की ओर से दी गई थी. इसके साथ ही आज सुबह शिवसेना उबाठा के नेता व सांसद अरविंद सावंत तथा विधायक ज. मो. अभ्यंकर अमरावती पहुंचे. जिनकी प्रमुख उपस्थिती में पार्टी प्रत्याशी प्रा. दत्तात्रय लहाने ने दोपहर बाद विभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन प्रस्तुत किया और नामांकन प्रस्तुत करने से पहले प्रा. दत्तात्रय लहाने ने स्थानीय कैम्प परिसर स्थित होटल ग्रैंड महफिल में एक पत्रवार्ता को संबोधित करते हुए अपनी दावेदारी को लेकर विस्तृत जानकारी दी.
इस पत्रवार्ता में प्रा. लहाने ने दिवंगत स्नातक विधायक प्रा. बी. टी. देशमुख को अपना आदर्श बताते हुए कहा कि वे उनके द्वारा स्थापित शिक्षक हितों की परंपरा और विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षक समुदाय के प्रश्नों को विधान परिषद में प्रभावी ढंग से उठाना और उन्हें समाधान तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रहेगी. उन्होंने कहा कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र केवल चुनाव जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षकों की समस्याओं को नीति-निर्माण के स्तर तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच है. इसी भावना के साथ वे चुनाव लड़ रहे हैं.
* उबाठा सांसद सावंत का भाजपा पर जबरदस्त निशाना
पत्रकार वार्ता में शिवसेना उबाठा के सांसद अरविंद सावंत भी उपस्थित थे. पार्टी की ओर से लहाने की उम्मीदवारी को अधिकृत बताते हुए सावंत ने उन्हें समर्थन व्यक्त किया. सांसद सावंत ने इस अवसर पर राज्य और केंद्र की भाजपा सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर निशाना साधा. उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. दिल्ली में चल रहे आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलनकारियों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है. उनके अनुसार, इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े सवाल खड़े होते हैं. सांसद सावंत ने भाजपा को लेकर भी तीखी राजनीतिक टिप्पणी की और दावा किया कि सरकार के खिलाफ लोगों में असंतोष बढ़ रहा है. ये सभी आरोप और राजनीतिक टिप्पणियां सावंत ने विपक्षी नेता के रूप में पत्रकारों के सवालों के जवाब में कीं.
* शिक्षक मुद्दों पर चुनाव केंद्रित करने की तैयारी
अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में इस बार पुरानी पेंशन, अनुदान, सेवा सुरक्षा और शिक्षकों से जुड़े अन्य प्रलंबित मुद्दे चुनावी चर्चा के केंद्र में हैं. विभिन्न प्रत्याशी इन मुद्दों को लेकर अपनी-अपनी भूमिका सामने रख रहे हैं. प्रा. लहाने ने भी अपने अभियान का केंद्र शिक्षकों की लंबित मांगों को बनाने का संकेत दिया है.
बॉक्स / फोटो लहाने नामांकन नाम से सीपी दुबे मेल पर
* प्रा. लहाने ने शिक्षक सीट से प्रस्तुत किया नामांकन
इस पत्रवार्ता के उपरांत अमरावती शिक्षक सीट से शिवसेना उबाठा द्वारा प्रत्याशी घोषित किए गए प्रा. दत्तात्रय लहाने ने संभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन प्रस्तुत किया. इस अवसर पर शिवसेना उबाठा सांसद अरविंद सावंत, मुंबई के शिक्षक विधायक ज. मो. अभ्यंकर, मेहकर के विधायक सिध्दार्थ खरात, बालापुर के विधायक नितीन बापू देशमुख, पूर्व सांसद अनंत गुढे तथा शिवसेना के जिला प्रमुख पराग गुडधे सहित संभाग के अलग-अलग जिलों से पार्टी पदाधिकारी बडी संख्या में उपस्थित थे.

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