हाथी पर विराजमान होकर आएगी मां अंबा
अश्विन नवरात्रि 11 अक्तूबर से

* ज्योतिषियों का दावा, 100 वर्षों बाद बन रहा गजकेसरी राजयोग
* ब्रृहस्पति और चंद्रमा की युति, संपूर्ण 10 दिनों की नवरातें
अमरावती /दि.5- आदिशक्ति, मां जगद्जननी की 9 दिनों की आराधना का उत्सव शारदीय नवरात्रि आगामी रविवार 11 अक्तूबर से प्रारंभ हो रहा है. अमरावती के प्रसिद्ध पुरोहितों ने बताया कि, इस वर्ष नवरात्रि में मां अंबे की साधना 10 दिनों तक चलेगी. समर्पण, साधना और त्याग, व्रत के महापर्व में अष्टमी का प्रभाव दो दिनों तक रहेगा. नवरात्रि के प्रथम दिन चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग पूरे समय रहेंगे.
इस संबंध में जानकारी देते हुए पं. प्रकाश शर्मा ने बताया कि, इस वर्ष लगभग 100 वर्षों बाद दुुर्लभ संयोग बन रहा है. नवरात्रि के दौरान देवगुरु ब्रृहस्पति और चंद्रमा की युति से गजकेसरी राजयोग का निर्माण हो रहा है. इस दिन तुला राशि में चंद्र एवं कर्क राशि में गुरु विराजमान होंगे. पं. प्रकाश शर्मा ने बताया कि, मां दुर्गा इस बार हाथी पर विराजमान होकर आ रही है. जो सुख-समृद्धि और शुभसंकेत का प्रतीक है. नवरात्रि के प्रथम दिन की प्रतिपदा तिथि 10 अक्तूबर की रात 8.10 बजे प्रारंभ हो जाएगी. रविवार 11 अक्तूबर की रात 8.14 बजे तक रहेगी. पूरे समय चित्रा नक्षत्र रहेगा. पं. प्रकाश शर्मा के अनुसार 11 अक्तूबर को प्रतिपदा तिथि सूर्योदय व्यापिनी है. इसलिए प्रतिपदा तिथि 11 अक्तूबर को ही मान्य की जाएगी. कलश स्थापना के लिए लाभ मुहूर्त सबेरे 9.22 बजे से 10.39 बजे तक है. उक्त समयावधि में कलश स्थापित करके मां दुर्गा की स्तुति आरंभ की जा सकती है. इसके अतिरिक्त अभिजीत मुहूर्त-अमृतकाल सुबह 11.40 से दोपहर 12.31 बजे तक रहेगा. वहीं शाम 6.12 बजे से रात 7.42 बजे तक शुभ मुहूर्त है.
अष्टमी तिथि के विषय में भी पंडित जी ने महत्वपूर्ण जानकारी दी. आपने बताया कि, अष्टमी तिथि 18 अक्तूबर की सबेरे 5.53 बजे से प्रारंभ होगी. 19 अक्तूबर की सुबह 7.53 बजे तक रहेगी. अत: अष्टमी का प्रभाव दो दिन रहेगा. महानवमी व्रत 19 अक्तूबर को ही माना जाएगा. 20 अक्तूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी. अमरावती में दोनों ही प्रमुख देवी मंदिर अंबा माता और एकवीरा में जोरदार तैयारी शारदीय नवरात्रि हेतु चल रही है. कल मंगलवार को पुलिस आयुक्त राकेश ओला वहां के प्रबंधों और सुरक्षा इंतजाम का अवलोकन करेंगे, ऐसी जानकारी मिली है. दोनों ही संस्थानों में भाविकों के लिए पर्याप्त सुविधाएं देने का प्रयत्न हो रहा है.





