न्यूयॉर्क टाइम्स के फ्रंट पेज पर तुकाराम मुंढे, रिपोर्ट में ‘रॉकस्टार’ का उल्लेख

महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त की कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा

मुंबई /दि.5- महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) आयुक्त तुकाराम मुंढे की खाद्य सुरक्षा को लेकर चल रही कार्रवाई की चर्चा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हुई है. अमेरिकी समाचार पत्र द न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे की कार्यशैली और महाराष्ट्र में खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ चलाए जा रहे निरीक्षण अभियान का उल्लेख किया है. रिपोर्ट के शीर्षक में उन्हें ‘रॉकस्टार’ के रूप में संबोधित किया गया है.
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर एफडीए की कार्रवाई का विवरण दिया गया है. इसमें मुंबई के विभिन्न रेस्तरां और खाद्य प्रतिष्ठानों में किए जा रहे निरीक्षण तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर की जा रही कार्रवाई का उल्लेख है. रिपोर्ट में बताया गया है कि इस अभियान के कारण मुंढे की कार्यशैली को लेकर आम लोगों के बीच चर्चा बढ़ी है, जबकि खाद्य कारोबारियों में भी एफडीए की कार्रवाई को लेकर सतर्कता बढ़ी है.
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में एफडीए की टीमों द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है. निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन सहित नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है. मुंबई के छोटे खाद्य विक्रेताओं से लेकर बड़े रेस्तरां और खाद्य श्रृंखलाओं तक इस अभियान का दायरा पहुंचने का उल्लेख अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में किया गया है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में एक लोकप्रिय रेस्तरां में हुई जांच तथा करीब एक सदी पुराने ‘ओलंपिया कॉफी हाउस’ पर खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों के उल्लंघन को लेकर हुई कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया है.
* पहले बीबीसी ने भी लिया था संज्ञान
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे की खाद्य सुरक्षा संबंधी मुहिम को इससे पहले ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) की रिपोर्ट में भी जगह मिली थी. इसके बाद न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट से उनकी कार्यशैली को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा और बढ़ी है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट का केंद्र केवल एक अधिकारी की व्यक्तिगत लोकप्रियता नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर महाराष्ट्र में चल रहे नियामकीय अभियान और उसके सामाजिक प्रभाव पर भी है.

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