तलक भवन में पुलिस के घुसकर एनएसयूआई छात्रों को हिरासत में लेने का आरोप
पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर की तीखी प्रतिक्रिया

* बोलीं- विद्यार्थियों की आवाज दबाने का प्रयास गंभीर
* लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए उठाते रहेंगे आवाज
अमरावती /दि.5- तिलक भवन स्थित कांग्रेस पार्टी कार्यालय परिसर में बीती रात एनएसयूआई के विद्यार्थियों को पुलिस द्वारा कथित रूप से अंदर प्रवेश कर हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है. इस घटना को लेकर पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता यशोमती ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. हालांकि, पुलिस की ओर से इस कार्रवाई को लेकर आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है.
यशोमती ठाकुर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करना और अपनी आवाज उठाना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है. विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने और उनके प्रश्नों पर चर्चा करने के बजाय यदि पुलिस कार्रवाई के जरिए उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, तो यह गंभीर मामला है.
* ‘पार्टी कार्यालय में पुलिस का प्रवेश चिंताजनक’
यशोमती ठाकुर ने आरोप लगाया कि तिलक भवन जैसे पार्टी कार्यालय के परिसर में पुलिस ने प्रवेश कर विद्यार्थियों को हिरासत में लिया. उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था की दृष्टि से चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों पर दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी कथित दमनकारी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और विद्यार्थियों तथा नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए कांग्रेस आवाज उठाती रहेगी.
* विद्यार्थियों के सवालों पर चर्चा क्यों नहीं?
पूर्व मंत्री ठाकुर ने सवाल उठाया कि विद्यार्थियों के प्रश्नों और उनकी मांगों पर चर्चा कर समाधान निकालने के बजाय आंदोलन करने वाले विद्यार्थियों पर कार्रवाई करना कितना उचित है? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने, अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने और सरकार व प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का अधिकार कायम रहना चाहिए.
* ‘लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहेंगे’
यशोमती ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थियों और नागरिकों की समस्याओं को सुनना तथा उनके साथ संवाद करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है. उन्होंने चेतावनी दी कि विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए वे आगे भी मजबूती से आवाज उठाती रहेंगी. फिलहाल तिलक भवन की घटना को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. पुलिस ने विद्यार्थियों को किन परिस्थितियों में हिरासत में लिया और कार्रवाई का आधार क्या था, इसे लेकर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.





