एसआईआर में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ इंडिया आघाड़ी का तीव्र प्रदर्शन
जिलाधीश कार्यालय पर विरोध मार्च, मतदाता सूची में पारदर्शिता और हटाए गए नाम बहाल करने की मांग

* जिलाधिकारी आशीष येरेकर को सौंपा गया ज्ञापन
* सांसद वानखडे, पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर, डॉ. सुनील देशमुख, प्रा. वीरेंद्र जगताप रहे शामिल
* राकांपा (शरद पवार), आयटक, शिवसेना उबाठा के कार्यकर्ता हुए आंदोलन में शामिल
अमरावती/दि.8 – विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के आरोपों को लेकर इंडिया अघाड़ी की ओर से गुरुवार को अमरावती जिलाधिकारी कार्यालय के सामने तीव्र प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शनकारियों ने ‘लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ, वोटरों के अधिकार बचाओ’ के नारे लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की.
इंडिया अघाड़ी के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया, सत्यापन और संबंधित मतदाताओं को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिए जाने की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. योग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए हों तो उन्हें तत्काल पुनः मतदाता सूची में शामिल करने की मांग की गई. प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता और संवैधानिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने तथा चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर लगाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की. साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच कर गलती पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग भी रखी गई.
इंडिया अघाड़ी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के चुनाव प्रक्रिया संबंधी कथित अनियमितताओं के विरोध का उल्लेख करते हुए उनके प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की भी निंदा की. प्रदर्शनकारियों ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार को सुरक्षित रखने की मांग की. ज्ञापन में मतदाता सूची में किए गए बदलावों की जानकारी राजनीतिक दलों और नागरिकों को पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने, मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज जमा करने और आपत्ति दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर देने तथा लोकतंत्र एवं प्रत्येक नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा के लिए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से तत्काल कदम उठाने का अनुरोध किया गया. राष्ट्रीय स्तर पर भी एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं. दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं. इंडिया अघाड़ी ने स्पष्ट किया कि अमरावती में किया गया प्रदर्शन मतदाता अधिकारों, चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की मांग को लेकर था.
ज्ञापन सौंपने वालों में सांसद बलवंत वानखडे, पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर, पूर्व मंत्री डॉ. सुनील देशमुख, अमरावती जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण अध्यक्ष बबलू देशमुख, शहराध्यक्ष बबलू शेखावत, पूर्व विधायक वीरेंद्र जगताप, पूर्व महापौर विलास इंगोले, मिलिंद चिमोटे, हरिभाउ मोहोड, महिला आघाडी की शहराध्यक्ष जयश्री वानखडे, राकांपा (शरद पवार गुट) की संगीता ठाकरे, संजय सरोदे, गजानन पाथरे, सतीश मानकर, प्रदीप देशमुख, समाधान दहातोंडे, प्रशांत भुस्कडे, मुकुंद देशमुख, अभय देशमुख, डॉ. अर्चना आत्राम, संजय बेलोकार, अमोल देशमुख, डॉ. मकसुद अली, नीतेश वानखडे, सचिन धुर्वे, तेजस नितनवरे, जगदीश कांबे, मंगेश सावले, गौरव वैद्य, उमेश गवई, प्रदीप अरबट, अमित गावंंडे, शैलेश उर्फ कालु मालवीय, संतोष बैस, राजा भगत, भुषण कोकाटे, विपुल भडांगे, प्रकाश काले, नीलेश तट्टे, प्रा. हेमंत येवले, गौरव आठवले, किशोर देशमुख, वसंत देशमुख, मोहन सिंगवी, कैलास उईके, मंगेश ढाले, चंदू डहाणे, प्रकाश राठी, सुनील थोरात, सुधीर वानखडे समेत सैकडों लोगों का समावेश था.





