निर्माण मजदूरों की योजनाएं बंद क्यों? सरकार के खिलाफ मजदूरों का हल्लाबोल

अमरावती में विशाल मोर्चा, बंद योजनाएं तत्काल शुरू करने

* 10 हजार दिवाली बोनस और लंबित आवेदनों का निपटारा करने की मांग
अमरावती/दि.8 – महाराष्ट्र के निर्माण मजदूरों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं फरवरी-2026 से बंद होने का आरोप लगाते हुए पब्लिक सर्विस कंस्ट्रक्शन वर्कर्स यूनियन की ओर से गुरुवार को अमरावती में विशाल मोर्चा निकाला गया. संगठन ने सरकार से बंद की गई योजनाएं तत्काल शुरू करने और मजदूरों के लंबित आवेदनों का निपटारा करने की मांग की.
मोर्चे का नेतृत्व यूनियन अध्यक्ष शिवकुमार तिखाड़े ने किया. इस दौरान बहुजन एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया से जुड़े पदाधिकारी और बड़ी संख्या में निर्माण मजदूर शामिल हुए. मोर्चा राष्ट्रमाता जिजाऊ स्मारक, आरटीओ कार्यालय के पास ओल्ड बायपास रोड से निकाला गया. संगठन का आरोप है कि 13 जुलाई को जारी चार शासन निर्णयों के बाद निर्माण मजदूरों के लिए पहले चल रही 32 योजनाओं में से 20 योजनाएं बंद हो गई हैं. इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह, आवास, मातृत्व, पेंशन तथा मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता जैसी योजनाएं शामिल हैं. संगठन ने इन निर्णयों को रद्द कर सभी योजनाएं पूर्ववत शुरू करने की मांग की.
* 10 हजार दिवाली बोनस देने की मांग
मोर्चे के माध्यम से निर्माण मजदूरों को 10 हजार दिवाली बोनस देने, लंबित पंजीयन, नवीनीकरण और लाभ के आवेदनों की तत्काल जांच कर पात्र मजदूरों को लाभ देने की मांग की गई. संगठन ने कहा कि फरवरी से आवेदन प्रक्रिया प्रभावित होने के कारण हजारों मजदूर सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं. इसके अलावा अमरावती जिले के प्रत्येक तहसील में मजदूरों को घरेलू उपयोग, आवश्यक और सुरक्षा किट वितरित करने, शिक्षा सहायता योजना पुनः शुरू करने, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सहायता बहाल करने तथा विवाह सहायता योजना को महंगाई के अनुसार बढ़ाने की मांग की गई.
* आवास योजना सरल करने और तकनीकी दिक्कतें दूर करने की मांग
निर्माण मजदूरों के लिए आवास योजना को सरल बनाकर सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा करने की मांग भी रखी गई. साथ ही ऑनलाइन पंजीयन में मोबाइल नंबर बदलने, परिवार के सदस्यों के नाम जोड़ने और बैंक विवरण अपडेट करने जैसी तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की गई. यूनियन ने मांग की कि पंजीयन, नवीनीकरण और लाभ के आवेदन की जांच पूरी होने के बाद संबंधित मजदूर को मोबाइल पर इसकी सूचना दी जाए. संगठन ने सरकार से चेतावनी भरे स्वर में कहा कि निर्माण मजदूरों के हक की योजनाओं को बंद रखकर उन्हें उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता. इस मोर्चे में बहुजन एम्प्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के सैकडों लोग शामिल हुए. उन्होंने जिलाधीश कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कामगार मंत्री एड. आकाश फुंडकर के नाम जिलाधिकारी को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा.

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