अब सिर्फ कम विद्यार्थी संख्या पर बंद नहीं होंगे स्कूल
स्कूल विलय से पहले दूरी, सुरक्षा और परिवहन की होगी जांच

‘स्कूल बचाओ, शिक्षा बचाओ’ आंदोलन को सफलता
अमरावती/दि.12 – महाराष्ट्र में कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूलों को बंद करने या दूसरे स्कूलों में विलय करने के नियमों में बडा बदलाव होने की ंसंभावना है. अब केवल विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर स्कूल बंद करने का निर्णय नहीं लिया जा सकेगा. इसके लिए ‘स्कूल एक्सेस इम्पैक्ट असेसमेंट’ यानि स्कूल तक पहुंच पर पडने वाले प्रभाव का आकलन अनिवार्य करने की तैयारी है. स्कूल शिक्षा विभाग ने इस मांग पर सकारात्मक रुख अपनाया है. इसे ‘स्कूल बचाओ, शिक्षा बचाओ’ आंदोलन को बडी सफलता माना जा रहा है.
15 मार्च 2024 के शासन निर्णय में किए गए प्रावधानों से गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी. इसके बाद आंदोलनकारियों ने स्कूल बंद करने और विलय करने के मानदंडों में बदलाव की मांग उठाई. आंदोलनकारियों के मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव रणजीतसिंह देओल ने आवश्यक सुधार करने का आश्वासन दिया है.
* ग्रामीण विद्यार्थियों की शिक्षा को प्राथमिकता
आंदोलनकारी संपत देसाई ने कहा कि, वैकल्पिक स्कूल उपलब्ध होना ही पर्याप्त नहीं है. बच्चों को वहां पहुंचने के लिए कितनी दूरी तय करनी पडती है और यात्रा कितनी सुरक्षित है, यह देखना भी जरुरी है% इन पहलुओं का आकलन किए बिना स्कूल बंद नहीं किए जाने चाहिए. विभिन्न जिलों के अभिभावकों, सामाजिक कार्यकर्ता और संगठनों ने आंदोलन में भाग लिया. महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति सहित कई संगठनों ने भी समर्थन दिया है. हालांकि शासन निर्णय में सुधार लागु होने के बाद ही नई व्यवस्था का वास्तविक स्वरुप स्पष्ट होगा.





