मुख्यमंत्री कोष में 1,11,111 रूपये का योगदान
सूखाग्रस्त किसानों की मदद के लिए बढ़ाया हाथ

डॉ. अलकाताई देशमुख फाउंडेशन
अमरावती/दि.13 – महाराष्ट्र में सूखे की चुनौती और किसानों के सामने खड़ी गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए डॉ. अलकाताई देशमुख फाउंडेशन ने सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय दिया है. किसानों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री सहायता निधि में 1 लाख 11 हजार 111 रुपये का आर्थिक योगदान देने का निर्णय लिया. इसी निर्णय के तहत सोमवार को संबंधित बैंक के ब्रांच मैनेजर को चेक सौंपकर सहायता निधि के लिए योगदान दिया गया.
* ‘किसान जिंदा रहेगा, तभी महाराष्ट्र जिंदा रहेगा’
इसी भावना को केंद्र में रखते हुए फाउंडेशन ने किसानों के हित में सहायता का यह कदम उठाया है. संस्था का उद्देश्य केवल आर्थिक योगदान देना ही नहीं, बल्कि समाज में किसानों के प्रति संवेदनशीलता, सहयोग और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना भी है. फाउंडेशन का मानना है कि किसान देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं और खेती-किसानी पर आने वाला संकट पूरे समाज को प्रभावित करता है.
* डॉ. अनिल रुड़े के मार्गदर्शन में कार्यों को गति
डॉ. अलकाताई देशमुख फाउंडेशन के सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने में डॉ. अनिल रुड़े का मार्गदर्शन और आशीर्वाद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. वहीं इस पहल में डॉ. अनुराग रुड़े का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उनके सहयोग और संस्था से जुड़े पदाधिकारियों की सहभागिता से सामाजिक जिम्मेदारी के इस प्रयास को आगे बढ़ाने में मदद मिली.
* किसान संकेत आलासपुरे के सुझाव पर लिया निर्णय
किसानों की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री सहायता निधि में आर्थिक योगदान देने का विचार किसान संकेत आलासपुरे ने सामने रखा था. उनके इस सकारात्मक सुझाव को स्वीकार करते हुए फाउंडेशन ने सहायता का निर्णय लिया और उसे अमल में लाने की दिशा में कदम बढ़ाया.
* आकिब जावेद और मयूर महल्ले की महत्वपूर्ण सहभागिता
फाउंडेशन के वाइस प्रेसिडेंट आकिब जावेद और ट्रेजरर मयूर महल्ले संस्था की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं.





