अब सूखा राहत के लिए विधायक निधि से मिलेगी मदद
चारा शिविर, अस्थायी जलापूर्ति योजना और कुओं को गहरा करने सहित 13 तरह के कार्यों पर खर्च होगी निधि

राज्य सरकार के नियोजन विभाग ने जारी किया परिपत्र
धामनगांव रेलवे/दि.14 – विदर्भ और मराठवाड़ा सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कम बारिश और अल नीनो के प्रभाव के चलते सूखे जैसी स्थिति बनने से जलसंकट की आशंका बढ़ गई है. इस संकट से निपटने तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पानी की कमी दूर करने के लिए अब विधायक स्थानीय विकास कार्यक्रम के तहत मिलने वाली निधि का उपयोग सूखा राहत कार्यों के लिए किया जा सकेगा. राज्य सरकार के नियोजन विभाग ने इस संबंध में हाल ही में परिपत्र जारी किया है. इसके अनुसार, जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाने वाली पांच करोड़ रुपये की निधि से सूखे की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कार्य किए जा सकेंगे.
* 13 तरह के कार्यों पर खर्च होगी निधि
सूखे के दौरान नागरिकों और पशुधन को होने वाली परेशानियों को कम करने के उद्देश्य से विधायक निधि के अंतर्गत विभिन्न राहत कार्य किए जा सकेंगे. इनमें चारा शिविर शुरू करना, अस्थायी पाइपलाइन आधारित जलापूर्ति योजना लागू करना, नई पाइपलाइन के कनेक्शन देना तथा मौजूदा जलापूर्ति योजनाओं की पाइपलाइन और पानी की टंकियों की विशेष मरम्मत करना शामिल है. इसके अलावा, पेयजल उपलब्ध कराने वाले कुओं को गहरा करना, उनमें जमा गाद निकालना और अस्थायी रूप से पानी का भंडारण करने की व्यवस्था करना भी संभव होगा. इन कार्यों से जलस्रोतों की क्षमता बढ़ाने और जरूरतमंद क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने में मदद मिल सकती है.
* पशुधन और स्वास्थ्य केंद्रों को भी राहत
सूखे की स्थिति में पशुओं के लिए चारे और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है. इसके लिए अधिकृत गोशालाओं में शेड बनाने तथा पानी की उपलब्धता के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने जैसे कार्य किए जा सकेंगे. इसी तरह स्वास्थ्य केंद्रों, उपकेंद्रों और आंगनवाड़ी केंद्रों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने के लिए भी विधायक निधि का उपयोग किया जा सकेगा. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बनाए रखने में मदद मिलेगी.
* जिलाधीश के आदेश के अनुसार होंगे कार्य
सूखा राहत के लिए किए जाने वाले कार्यों का चयन और क्रियान्वयन निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा. संबंधित कार्यों के लिए जिलाधिकारी के आदेश के आधार पर निर्णय लिया जाएगा. इससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार जलापूर्ति और अन्य राहत उपायों को प्राथमिकता देने में मदद मिलेगी.
* प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वय पर जोर
जिला योजना समिति के सदस्य एवं विधायक प्रताप अडसड ने कहा कि सूखे से उत्पन्न संकट का सामना करने के लिए सभी को आपसी सहयोग के साथ प्रशासनिक व्यवस्था के समन्वय में जिम्मेदारी निभानी होगी. सामूहिक प्रयासों से ही पानी की कमी और सूखे से संबंधित समस्याओं को कम किया जा सकता है. वहीं, जिला योजना अधिकारी भारत वायल ने बताया कि सूखे के दौरान पानी की कमी दूर करने के लिए विधायक स्थानीय विकास निधि से विभिन्न कार्य करने के संबंध में सरकार ने परिपत्र जारी किया है. भविष्य में जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इन कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा. सूखा राहत के लिए विधायक निधि के उपयोग की अनुमति मिलने से जलापूर्ति, पशुधन संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे. अब इन प्रावधानों का लाभ जरूरतमंद क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन महत्वपूर्ण रहेगा.





