महिला अस्पताल के प्रवेश द्वार पर ‘सेहत का खतरा’
नई इमारत के मुख्य गेट के पास जंगली सूअरों का जमावड़ा

बदबू और गंदगी से मरीजों व परिजनों की परेशानी बढ़ी, मनपा आयुक्त को पत्र
अमरावती/दि.14 – एक ओर जिला महिला अस्पताल में महिलाओं और गर्भवती मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चौबीसों घंटे उपचार की व्यवस्था है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल की नई इमारत के मुख्य प्रवेश द्वार के पास गंदगी और जंगली सूअरों की बढ़ती संख्या ने स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अस्पताल के मुख्य गेट के पास कचरा जमा होने से वहां आवारा सूअरों का जमावड़ा लगा रहता है. सूअरों द्वारा कचरा इधर-उधर फैलाए जाने से परिसर में गंदगी बढ़ रही है और दुर्गंध के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों तथा उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
इस गंभीर समस्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने अमरावती महानगरपालिका से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है. डफरिन अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संध्या खराटे ने इस संबंध में मंगलवार 12 अक्टूबर को मनपा आयुक्त को पत्र सौंपा. पत्र में अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास जमा होने वाले कचरे और वहां बढ़ती जंगली सूअरों की आवाजाही का उल्लेख करते हुए समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की गई है.
* मुख्य गेट के पास कचरे का ढेर, दुर्गंध से लोग परेशान
जिला महिला अस्पताल की नई इमारत के मुख्य प्रवेश द्वार के पास कचरा जमा होने से परिसर की स्वच्छता प्रभावित हो रही है. इस कचरे के आसपास जंगली सूअरों की आवाजाही बढ़ गई है. ये सूअर कचरे को इधर-उधर फैलाते हैं, जिससे परिसर में गंदगी और दुर्गंध की समस्या गंभीर होती जा रही है. अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं, गर्भवती मरीज और अन्य लोग इलाज के लिए आते हैं. ऐसे में प्रवेश द्वार के पास फैली गंदगी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को असुविधा हो रही है. अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की स्थिति स्वच्छता व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा रही है.
* अस्पताल परिसर में संक्रमण का खतरा
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मरीजों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखना बेहद आवश्यक है. विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और उपचार के लिए आने वाले मरीजों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होना चाहिए. लेकिन मुख्य प्रवेश द्वार के पास कचरा जमा होने और जंगली सूअरों की आवाजाही बढ़ने से संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका है. अस्पताल प्रशासन ने मनपा आयुक्त को भेजे पत्र में इस समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है, ताकि परिसर में स्वच्छता बनाए रखी जा सके और मरीजों को दुर्गंध तथा गंदगी से राहत मिल सके.
* पेड़-पौधों को भी नुकसान
अस्पताल परिसर में जंगली सूअरों की बढ़ती आवाजाही का असर वहां लगे पेड़-पौधों पर भी पड़ रहा है. सूअरों के कारण हरित क्षेत्र को नुकसान पहुंचने की शिकायत सामने आई है. इससे परिसर की स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण और हरियाली भी प्रभावित हो रही है. अस्पताल प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए महानगरपालिका से जंगली सूअरों की आवाजाही पर नियंत्रण लगाने तथा मुख्य प्रवेश द्वार के पास नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है. अब देखना होगा कि मनपा प्रशासन इस शिकायत पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और अस्पताल आने वाले मरीजों को इस परेशानी से कब तक राहत मिलती है.





