राष्ट्रवादी खेमे से बड़ी अपडेट
सुनेत्रा पवार कार्यकारिणी की नई सूची भेजेंगी

* तीन नेताओं का पत्ता कट
मुंबई /दि.27- राष्ट्रवादी कांग्रेस के अंदरूनी हलकों में इस समय भारी उथल-पुथल और तेज राजनीतिक गतिविधियां चल रही हैं. कल ही उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के मुंबई स्थित देवगिरी बंगले पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की बैठक हुई थी. इस बैठक में सुनील तटकरे ने खुलकर नाराजगी जाहिर की, जिससे यह बैठक विवादों में आ गई. इसके बाद अब राष्ट्रवादी कांग्रेस खेमे से एक और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है. जिस कार्यकारिणी को लेकर यह पूरा नाराजगी का नाटक शुरू हुआ, उसके संबंध में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने एक अहम फैसला लिया है.
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रवादी कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की सूची जल्द ही चुनाव आयोग को सौंपी जाएगी. इससे पहले राष्ट्रवादी द्वारा चुनाव आयोग को भेजी गई कार्यकारिणी सूची में प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे के पदों का उल्लेख नहीं था. इसके बाद दोनों को पद से हटाए जाने की चर्चा फैल गई थी. साथ ही नए लोगों को कार्यकारिणी में जगह दिए जाने से तटकरे और पटेल नाराज बताए जा रहे थे. इसी पृष्ठभूमि में अब राष्ट्रवादी कांग्रेस की ओर से कार्यकारिणी की संशोधित नई सूची चुनाव आयोग को भेजी जाएगी. नई कार्यकारिणी में नवाब मलिक की बेटी सना मलिक की जगह हसन मुश्रीफ को स्थान मिलने की संभावना है. इसके साथ ही सुबोध मोहिते और प्रजापति को भी कार्यकारिणी से बाहर किए जाने की संभावना जताई जा रही है. इससे आने वाले दिनों में राष्ट्रवादी कांग्रेस खेमे में क्या राजनीतिक घटनाक्रम होते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी.
* सुनेत्रा के सामने ही तटकरे भडके
राष्ट्रवादी कांग्रेस की मंगलवार को देवगिरी बंगले पर हुई बैठक काफी तूफानी साबित हुई. पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रवादी कांग्रेस में ‘साइडलाइन’ किए गए सुनील तटकरे और प्रफुल पटेल ही इस बैठक में चर्चा का विषय बने रहे. इस बैठक में प्रफुल पटेल मुंबई में मौजूद होने के बावजूद शामिल नहीं हुए. वहीं प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे बैठक में पहुंचे, लेकिन इस दौरान उन्होंने जो कड़े शब्द सुनाए, उससे उनकी और छगन भुजबल के बीच तीखी बहस होने की जानकारी सामने आ रही है.
अजित पवार के निधन के बाद सुनील तटकरे और प्रफुल पटेल ने दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस का विलय होने दिया और पार्टी पर कब्जा करने की कोशिश की, ऐसा आरोप लगातार लगाया जाता रहा है. इसी पृष्ठभूमि में सुनील तटकरे ने कल की बैठक में अपने मन की सारी नाराजगी सुनेत्रा पवार के सामने खुलकर जाहिर की.
अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को सुनेत्रा पवार के हाथों में सौंपना और पार्टी को एकजुट बनाए रखने में मैंने और प्रफुल पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. लेकिन उसके बाद जो स्थिति बनी, उसमें हम दोनों पर लगातार आलोचना होती रही, जबकि पार्टी का एक भी विधायक या नेता हमारे बचाव में आगे नहीं आया. इसके अलावा दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस के विलय के मुद्दे पर भी मैं और पटेल ही आलोचनाओं का निशाना बने. उस समय भी राष्ट्रवादी कांग्रेस में किसी ने आगे आकर हमारा पक्ष रखने या बचाव करने की कोशिश नहीं की, ऐसा सुनील तटकरे ने कहा.





