सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में अव्यवस्थाओं का अंबार
कार्डियक वार्ड में लाइट-पंखे बंद, लिफ्ट भी ठप

* हृदय रोगियों को भारी परेशानी
* मरीजों को स्ट्रेचर तक ले जाने के लिए कर्मचारियों की कमी की शिकायत
अमरावती/दि.5- अमरावती के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए इस अस्पताल के कार्डियक वार्ड में लाइट और पंखे बंद होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
जानकारी के मुताबिक कार्डियक वार्ड में भर्ती मरीजों का उपचार चल रहा था, तभी अचानक बिजली व्यवस्था बाधित होने से पूरा वार्ड अंधेरे में डूब गया. साथ ही पंखे भी बंद हो गए, जिससे उमस और गर्मी के बीच मरीजों की हालत और अधिक खराब हो गई. हृदय रोग जैसे गंभीर मरीजों के वार्ड में इस तरह की स्थिति ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
* कई दिनों से बंद है लिफ्ट
अस्पताल की लिफ्ट भी कई दिनों से बंद बताई जा रही है. नई लिफ्ट लगाने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है. गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर या बेड पर ले जाने में भी काफी कठिनाई हो रही है.
* वार्ड बॉय की कमी से बढ़ी परेशानी
मरीजों के परिजनों का आरोप है कि मरीजों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक ले जाने के लिए पर्याप्त वार्ड बॉय उपलब्ध नहीं हैं. कई बार मरीजों के बेड या स्ट्रेचर को परिजनों को ही धक्का देकर ले जाना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ जाती हैं.
* प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में लाइट, पंखे और लिफ्ट जैसी बुनियादी सुविधाओं का ठप होना चिंताजनक माना जा रहा है. विशेष रूप से कार्डियक वार्ड जैसे संवेदनशील विभाग में बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं का बाधित होना मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है. अब मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि कार्डियक वार्ड में बिजली और पंखों की व्यवस्था तत्काल बहाल की जाए, बंद पड़ी लिफ्ट को जल्द शुरू किया जाए तथा मरीजों की सुविधा के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए. अस्पताल प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं.





