अप्पर वर्धा बांध के पास 35 करोड रूपयों की लागत से बनेगा नया पूल
बांध के गेट खुलने पर मौजुदा पूल हमेशा ही पानी में डूब जाता है

* बारिश के मौसम दौरान पूल से वाहनों की आवाजाही हो जाती है ठप
अमरावती/दि.11- विदर्भ क्षेत्र के सबसे बडे अप्पर वर्धा बांध के पास वर्धा नदी पर स्थित पुराने पूल के स्थान पर जल्द ही एक नया व काफी ऊंचा पूल बनाने हेतु केंद्र मार्ग निधी से करीब 35 करोड रूपयों की निधी को मंजूरी मिली है. जानकारी के मुताबिक जल संपदा विभाग की ओर से अनुमति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
बता दे कि, मोर्शी से 8 किमी की दूरी पर स्थित सिंभोरा परिसर में अप्पर वर्धा बांध बनाया गया है. जिसके ठीक सामने से होकर मोर्शी-सिंभोरा-आष्टी राज्य मार्ग पर स्थित यह पुल अमरावती और वर्धा जिलों के बीच महत्वपूर्ण संपर्क कडी है. इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों नागरिक, किसान, विद्यार्थी, व्यापारी व मालवाहक वाहन आवागमन करते है. जिससे इसका सामाजिक और आर्थिक महत्व काफी बढ जाता है. कई दशक पहले निर्मित वर्तमान पुल की संरचनात्मक क्षमता कमजोर हो चुकी है. साथ ही हर साल बारिश के मौसम दौरान अपर वर्धा बांध में जलस्तर बढने के बाद बांध से नदी में जलनिकासी शुरू करते ही नदी का जलस्तर बढ जाता है और पुल पानी में डूब जाता है. इसके कारण दोनों जिलों के बिच यातायात पूरी तरह बंद करना पडता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पडता है.
* नई परियोजना से मिलेगी स्थायी राहत
लोक निर्माण विभाग ने नए पुल का तकनीकी डिजाइन और प्रारूप तैयार कर लिया है. पुल बनने के बाद वर्षभर सुरक्षित निर्बांध और तेज यातायात उपलब्ध होगा. साथ ही अपर वर्धा बांध पर्यटन को भी नई गति मिलेगी व अमरावती व वर्धा जिले के नागरिकों की वर्षों पुरानी समस्या का स्थायाी समाधान होगा.
* पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी असर
बांध के गेट खुलने के दौरान देखने के लिए बडी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते है. इससे यातायात दबाव बढ जाता है और प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम करने पडते है. पुल बंद होने का असर किसानों, विद्यार्थियों, मरिजों और आपातकालीन सेवाओं पर भी पडता है.





