विद्यापीठ और मेघे शोध संस्थान में अनुबंध
अमरावती में स्टार्टअप को लगे पंख

प्रयोगशाला और विशेषज्ञों का लाभ एकही छत के नीचे
अमरावती/दि.29 – संत गाडगेबाबा अमरावती विद्यापीठ और वर्धा स्थित बायोनेस्ट दत्ता मेघे रिसर्च इन्स्टीट्यूट के मध्य अनुबंध हो गया है. जिससे दोनों प्रतिष्ठित संस्थाओं में उपलब्ध प्रयोग शालाएं, तकनीकी सुविधाएं, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन इन्क्युबेशन नेटवर्क का लाभ विदर्भ के स्टार्टअप ले सकेंगे. संसाधन ही नहीं सीधे मार्केट तक पहुंच दिलाने यह साझेदारी मील का पत्थर साबित होगी, ऐसा कहा जा रहा है. दुर्गम भागों के युवाओं की कल्पनाशीलता को भी वैश्विक मार्केट सुलभ होगा, अवसर मिलेंगे.
दोनों संस्थाओं के बीच हुए अनुबंध के अनुसार प्रयोगशाला एक्सचेंज करना, एकत्रित रुपसे नवाचार के उपक्रम क्रियान्वित करना, ज्ञान और तकनीक संसाधनों का परस्पर आदान-प्रदान किया जा सकेगा. जानकारों ने बताया कि, यह विदर्भ के नए उद्यमियों को उनकी व्यवसाय की कल्पना का सीधे प्रोटोटाइप, उत्पादन विकास एवं सफल बिझनेस में रुपांतरित करने भरपूर अवसर और मंच उपलब्ध करवाएगा.
अनुबंध के समय विद्यापीठ इन्क्युबेशन फाउंडेशन संचालक प्रा. स्वाती शेरेकर, निदेशक आनंद यादव, प्रबंधक अमोल हिरुलकर, बायोनेस्ट दत्ता मेघे रिसर्च संस्थान के सहायक निदेशक आशुतोष बागडे, सीईओ प्रा. प्रवीण वैद्य की उपस्थिति रही.
* स्टार्टअप इको सिस्टम को गति
दोनों संस्थाओं के बीच प्रयोगशालाओं का उपयोग दोनों ओर के स्टार्टअप्स कर सकेंगे. विदर्भ के युवाओं हेतु बिझनेस आइडिया स्पर्धा, कार्यशाला एवं प्रशिक्षण वर्ग दोनों ही मिलकर क्रियान्वित करेंगे. विदर्भ में एक सक्षम और शाश्वत स्टार्टअप इनोवेशन इकोसिस्टम को गति मिलेगी.





