चाय की टपरी से कोलंबिया यूनिवर्सिटी तक पहुंचा विकास तातड़ का प्रेरणादायी सफर
राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज विदेश छात्रवृत्ति ने पूरा किया विदेश में उच्च शिक्षा का सपना

* वंचित विद्यार्थियों के लिए चला रहे ‘स्लम स्कूल’
अमरावती/दि.29– अमरावती के केवल कॉलोनी निवासी विकास तातड़ का चाय की छोटी-सी टपरी से कोलंबिया यूनिवर्सिटी तक पहुंचने का सफर शहर के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है. समाज कल्याण विभाग की ‘राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज विदेश छात्रवृत्ति’ के माध्यम से उन्होंने अमेरिका में उच्च शिक्षा का सपना साकार किया. उनके संघर्ष और उपलब्धियों को सम्मान देते हुए समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत चलाए जा रहे ‘आशीर्वाद का दीप’ उपक्रम के अंतर्गत उनके घर जाकर दीप प्रज्वलित किया. इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की प्रादेशिक उपायुक्त माया केदार, सहायक आयुक्त राजेंद्र जाधवर सहित अधिकारी-कर्मचारियों ने विकास तातड़ से सदिच्छा भेंट की. इस दौरान उन्होंने अपने संघर्षपूर्ण शैक्षणिक सफर और सामाजिक कार्यों की जानकारी साझा की.
* पिता की चाय की टपरी पर मदद करते हुए पूरी की पढ़ाई
विकास तातड़ के पिता की छोटी-सी चाय की टपरी थी. परिवार की आर्थिक परिस्थितियों के बीच पिता के काम में हाथ बंटाते हुए विकास ने अपनी स्कूली शिक्षा से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई पूरी की. प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा के प्रति अपनी जिद और लगन कायम रखी. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) में प्रवेश लिया और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया. इसी दौरान उनके शोधपत्र का चयन अमेरिका के मैनचेस्टर विश्वविद्यालय में हुआ. वर्ष 2018 में वे पहली बार अमेरिका गए और वहां अपने शोधपत्र का प्रस्तुतीकरण किया. इसी दौरे के दौरान उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी का भी दौरा किया. वहां का शैक्षणिक वातावरण और सामाजिक दृष्टिकोण उन्हें प्रभावित कर गया. उन्होंने भविष्य में इसी विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल करने का लक्ष्य तय किया.
* 2022 में कोलंबिया यूनिवर्सिटी में हुआ चयन
विकास तातड़ के इस सपने को वर्ष 2022 में सफलता मिली. उनका चयन कोलंबिया यूनिवर्सिटी के ‘इंटरनेशनल एंड कंपेरेटिव एजुकेशन’ विषय के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए हुआ. राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज विदेश छात्रवृत्ति 2022-23 के माध्यम से उन्होंने अमेरिका में उच्च शिक्षा पूरी की. विदेश में शिक्षा हासिल करने के दौरान भी उन्होंने सामाजिक सरोकारों से अपना नाता नहीं छोड़ा. सामाजिक न्याय, विद्यार्थियों की समस्याओं, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों के प्रचार-प्रसार और विद्यार्थियों के अधिकारों से जुड़े विभिन्न उपक्रमों में उन्होंने सक्रिय सहभागिता की. उनके सामाजिक कार्यों को देखते हुए न्यू जर्सी नगरपालिका के महापौर की ओर से उनका विशेष सम्मान भी किया गया.
* अमरावती लौटकर वंचित विद्यार्थियों के लिए ‘स्लम स्कूल’
वर्तमान में विकास तातड़ ‘क्षमता निर्माण’ क्षेत्र में विशेषज्ञ मार्गदर्शक के रूप में कार्यरत हैं. विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने के बावजूद अमरावती से उनका जुड़ाव कायम है. उन्होंने सिद्धार्थ नगर में ‘स्लम स्कूल’ की स्थापना की है, जहां आर्थिक रूप से वंचित विद्यार्थियों को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है. विकास तातड़ ने अपने शैक्षणिक एवं सामाजिक कार्यों में समाज कल्याण विभाग, अमरावती की ओर से समय-समय पर मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि विभाग के सहयोग से उनके सामाजिक और शैक्षणिक उपक्रमों को मजबूती मिली. इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विकास तातड़ के कार्यों की सराहना करते हुए उनके आगामी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं. समाज कल्याण विभाग की आयुक्त दीपा (मुधोल) मुंडे ने वीडियो कॉल के माध्यम से विकास तातड़ से संवाद करते हुए उनके संघर्षपूर्ण सफर की जानकारी ली.
* अब कोलंबिया यूनिवर्सिटी से पीएचडी का लक्ष्य
अपने आगामी शैक्षणिक लक्ष्य के बारे में विकास तातड़ ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने की इच्छा व्यक्त की. चाय की टपरी पर पिता के काम में हाथ बंटाने से शुरू हुआ उनका सफर, टीआईएसएस की पढ़ाई, अमेरिका में उच्च शिक्षा और सामाजिक कार्य तक पहुंचा है. उनका यह सफर अमरावती के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए शिक्षा, संघर्ष, जिद और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया है.





