आरटीओ कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से सरकार को करोड़ों का नुकसान

अमरावती संभाग के जिलों में वाहन संबंधी सेवाएं ठप

* प्रतिदिन लगभग 5 करोड़ रुपये का राजस्व प्रभावित
अमरावती /दि.20- मोटर वाहन विभाग कर्मचारी संघटना की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब सीधे सरकारी राजस्व पर पड़ने लगा है. अमरावती संभाग के अमरावती, अकोला, यवतमाल, खामगांव, वाशिम और बुलढाणा जिलों के क्षेत्रीय एवं उप-क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) की अधिकांश सेवाएं ठप होने से सरकार को प्रतिदिन लगभग 5 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है.
कर्मचारियों की लंबित मांगों की लगातार अनदेखी किए जाने के विरोध में शुरू की गई इस राज्यव्यापी हड़ताल के कारण वाहन पंजीकरण, वाहन हस्तांतरण, ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण, परमिट नवीनीकरण, कर भुगतान, वाहन फिटनेस जांच, परमिट मंजूरी और न्यायिक शाखा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुई हैं. इससे वाहन मालिकों, परिवहन व्यवसायियों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. परिवहन विभाग को सरकार के राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है. आरटीओ कार्यालयों के माध्यम से प्रतिदिन करोड़ों रुपये के लेन-देन होते हैं, लेकिन हड़ताल के चलते यह प्रक्रिया लगभग ठप हो गई है. अधिकारियों के अनुसार, केवल अमरावती संभाग में ही प्रतिदिन करीब 5 करोड़ रुपये का राजस्व प्रभावित हो रहा है.
कर्मचारी संघटना का कहना है कि विभागीय आकृतिबंध मंजूर होने के बावजूद सेवा प्रवेश नियम अब तक लागू नहीं किए गए हैं. इसके कारण पदोन्नति, भर्ती और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं वर्षों से लंबित हैं. सरकार के समक्ष बार-बार मांग रखने के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिसके चलते कर्मचारियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा. संघटना ने चेतावनी दी है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो राजस्व हानि के साथ-साथ वाहन संबंधी मामलों का बड़ा बैकलॉग भी खड़ा हो सकता है. इसलिए सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए.
कर्मचारी संघटना के राज्य उपाध्यक्ष एवं अमरावती विभागीय अध्यक्ष अनिल मानकर सहित संदीप खवले, अभिजीत गावंडे, अक्षय राठोड़, अमोल माटोडे, संजय चौधरी, मनोज खोबरागड़े, देवेंद्र कलमकर, जयसिंह राठोड़, अरुण वाघमारे, पराग जाधव, प्रीति डोंगरे, यशवंत रामटेके और अनिल मेश्राम ने कहा कि सरकार की निष्क्रियता का खामियाजा राजस्व और आम जनता दोनों को भुगतना पड़ रहा है. उन्होंने जल्द समाधान निकालने की मांग की है.

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